चमोली, 9 सितंबर। मुख्य विकास अधिकारी डा. अभिषेक त्रिपाठी की अध्यक्षता में बुधवार को कृषि, उद्यान एवं रेशम विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में संबंधित विभागों ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में संचालित योजनाओं और उनकी प्रगति का प्रस्तुतीकरण किया।
कृषि विभाग ने बताया कि जनपद में 30,130 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है, जिसमें 53,129 किसान कृषि कार्य से जुड़े हैं। जिले में धान, उर्द, सोयाबीन, मंडुवा, गेहूं, मसूर और तोरिया प्रमुख फसलें हैं। किसानों की औसत वार्षिक आय 33,317 रुपये बताई गई। पीएम-किसान योजना के तहत पंजीकृत 53,129 किसानों में से 45,936 किसानों का सत्यापन पूरा हो चुका है।
उद्यान विभाग के अनुसार जिले में 3,628.44 हेक्टेयर क्षेत्र में फल उत्पादन से 7,027.088 मीट्रिक टन, 2,295 हेक्टेयर में सब्जी से 13,120.40 मीट्रिक टन, 635 हेक्टेयर में मसाला उत्पादन से 1,555.63 मीट्रिक टन तथा 22.60 हेक्टेयर में पुष्प उत्पादन से 30.35 मीट्रिक टन उत्पादन हुआ है। जिले में मशरूम, कीवी, लिलियम, जिप्सोफिला, गेंदा और पॉलीटनल के माध्यम से बेमौसमी सब्जी उत्पादन जैसे नवाचार भी संचालित किए जा रहे हैं।
वहीं मौनपालन के क्षेत्र में 505 पंजीकृत किसान 2,998 मौनवंशों के माध्यम से करीब 149.90 कुंतल शहद का उत्पादन कर रहे हैं। रेशम विभाग ने बताया कि 350 कीटपालकों के लक्ष्य के सापेक्ष 280 किसानों को रेशम कीटपालन से जोड़ा गया है और अब तक 4,123.8 किलोग्राम कोया उत्पादन हुआ है। शहतूत पौधरोपण के तहत विभागीय 12 हजार और व्यक्तिगत 38,400 पौध लगाने का लक्ष्य पूरा किया गया है।
बंदर-लंगूर और जंगली सूअर से फसल बचाने पर जोर
समीक्षा के दौरान सीडीओ डा. अभिषेक त्रिपाठी ने बंदर, लंगूर और जंगली सूअर से कृषि एवं औद्यानिक फसलों को हो रहे नुकसान की रोकथाम के लिए खेतों और उद्यानों के चारों ओर कांटेदार तारबाड़ अथवा चेन लिंक फेंसिंग लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने छोटी और बिखरी कृषि जोतों की समस्या के समाधान के लिए चकबंदी कार्यक्रम को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
बैठक में मुख्य कृषि अधिकारी जेपी तिवारी, सहायक निबंधक चमोली रणजीत सिंह राणा, रेशम निरीक्षक रविंद्र सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
Sign in
Welcome! Log into your account
Forgot your password? Get help
Password recovery
Recover your password
A password will be e-mailed to you.








