वर्तमान में उत्तराखण्ड के विभिन्न कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। इसी क्रम में दिनांक 22 सितम्बर 2025 को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर में उपद्रव और अराजकता का माहौल देखने को मिला।
📌 किशन सिंह द्वारा लगभग 30–35 समर्थक छात्र-छात्राओं के साथ प्राचार्य कक्ष में घुसकर वहाँ मौजूद शिक्षकों और कर्मचारियों के मारपीट कर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की व तोड़फोड़ जैसी हरकते कीं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्राचार्य प्रोफेसर एम.पी. नगवाल ने तत्काल थाना गोपेश्वर को लिखित तहरीर दी। तहरीर के आधार पर थाना गोपेश्वर पर मु0अ0सं0 23/25 धारा 191(2), 324, 132, 115(2) बीएनएस के अंतर्गत किशन सिंह एवं उसके समर्थकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेना हर छात्र का अधिकार है, लेकिन हिंसा, मारपीट और तोड़फोड़ के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
🗣️ चमोली पुलिस का संदेश
“शिक्षण संस्थान ज्ञान और अनुशासन के मंदिर हैं। छात्र राजनीति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन उपद्रव और हिंसा कानून का उल्लंघन है। ऐसे कृत्यों से कॉलेज की गरिमा आहत होती है। चमोली पुलिस हर हाल में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और दोषियों को न्याय के कटघरे में खड़ा करने के लिए प्रतिबद्ध है।”








