चमोली ..4 महीने के लंबे इंतजार के बाद पहाड़ों में हुई सीजन की पहली बर्फ़वारी प्रकृति के लिए वरदान साबित हुई। बर्फ़वारी के बाद पहाड़ सफेद बर्फ की चादर से अटा पड़ा हुआ है। ये बर्फ़वारी किसान, खेती, जंगली जानवरों, प्राकृतिक जलस्रोतों, ग्लेशियरों के लिए नवजीवन लेकर आई। लेकिन दूसरी ओर देवाल ब्लॉक के आली बुग्याल में फंसे 12 बेजुबान मवेशियों के लिए ये बर्फ़वारी आफत बनकर आई। भारी बर्फ़वारी होने के कारण ये 12 बेजुबान बर्फ में फंसकर रह गए। चारों ओर भारी बर्फ गिरने से इनके सामने चारे का भी संकट गहरा गया था। ऐसे में वाण गांव के दो युवा दीपक सिह और प्रताप सिंह भारी बर्फ़वारी के बीच ऑली बुग्याल पहुंचकर 12 बेजुबान मवेशियों को वहां से निकालकर वाण गांव के तलवाडी तोक तक सुरक्षित पहुंचाया और सभी मवेशियों को गौशाला में रखकर चारा व दाना खिलाया।
आज गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में दोनों युवाओं दीपक सिह और प्रताप सिंह ने 12 बेजुबान मवेशियों की पूजा अर्चना करके उनके आली बुग्याल से सकुशल पहुंचने पर माला भी पहनाई। इस अवसर पर वाण गांव के सामाजिक कार्यकर्ता हीरा सिंह गढ़वाली ने कहा कि दोनों युवाओं दीपक सिह और प्रताप सिंह ने 12 बेजुबानों की जान बचाकर समाज के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया है कि कैसे पुण्य काम किया जाता है, उन्होंने सरकार से मांग की है कि दोनों युवाओं को सम्मानित किया जाय और पुरस्कार भी दिया जाय।
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