राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर में कैरियर काउंसलिंग एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ के द्वारा स्नातक अंतिम सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं हेतु इंटरनेट डिटॉक्सिफिकेशन काउंसलिंग सेशन का आयोजन किया गया।
स्वामी रामा हिमालयन यूनिवर्सिटी, जौलीग्रांट देहरादून से प्रतीक बुटोला व प्रशांत शाही ने युवा पीढ़ी व Gen Z में इंटरनेट उपभोग की प्रवृत्ति पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि इंटरनेट के उपयोग के कारण सामान्य शारीरिक खेल गतिविधियां कम होती जा रही हैं।अत्यधिक स्क्रीनटाइम से बच्चों के मस्तिष्क में अधिक डोपामिन हार्मोन रिलीज हो रहे हैं। यह ड्रग्स की लत से भी ज्यादा खतरनाक है। इससे Gen Z में भाव शून्यता और त्वरित प्रतिक्रिया में भी कमी देखी जा रही है । इंटरनेट डिटॉक्सिफिकेशन के लिए स्वस्थ आदत, सोशल मीडिया से दूरी और सस्ते किस्म के मनोरंजन से भी दूर रहना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि स्वस्थ्य और सक्रिय मस्तिष्क के लिए Gen Z को अच्छी आदतों का नियमित पालन करना होगा ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके।।
प्राचार्य प्रो एम पी नगवाल ने युवा पीढ़ी में बढ़ते हुए डिजिटल गैजेट की लत रोकने के लिए जागरूक होने की बात कही। उन्होंने समय से लत को नियंत्रित कर युवा ऊर्जा को सही व रचनात्मक दिशा में प्रयोग करने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. हिमांशु बहुगुणा तथा डॉ. रीना द्वारा किया गया । इस अवसर पर डॉ विधि ढौंडियाल, डॉ सुमित सजवाण और डॉ चंदा मौजूद रहे।








