चमोली :राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय मानसून तैयारी मॉक अभ्यास-2026 के अंतर्गत गुरुवार को जनपद चमोली में विभिन्न स्थानों पर आपदा संबंधी काल्पनिक घटनाओं का सफलतापूर्वक अभ्यास किया गया। अभ्यास का उद्देश्य मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए विभिन्न विभागों की तैयारियों एवं समन्वय की जांच करना था।
मॉक ड्रिल के दौरान निम्नलिखित काल्पनिक घटनाओं का परिदृश्य तैयार किया गया—
* लामबगड़ (ज्योतिर्मठ) में भारी वर्षा के कारण मलबा गिरने, पुल क्षतिग्रस्त होने तथा अलकनंदा नदी के बहाव के आंशिक रूप से अवरुद्ध होने की सूचना प्राप्त हुई।
* चैपड़ो क्षेत्र में भूस्खलन के कारण कई भवनों में मलबा भरने की स्थिति का अभ्यास किया गया।
* कमेड़ (गौचर) क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर पत्थर गिरने से यातायात बाधित होने एवं वाहनों के फंसने का परिदृश्य तैयार किया गया।
* थराली, देवाल एवं वाण क्षेत्रों में बादल फटने की काल्पनिक घटना पर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।
* तमक नाला (ज्योतिर्मठ) में मलबा गिरने से पुल क्षतिग्रस्त होने तथा दूरस्थ क्षेत्रों का संपर्क बाधित होने की स्थिति बनाई गई।
* टीएचडीसी सुरंग (पीपलकोटी) में सुरंग क्षतिग्रस्त होने से श्रमिकों के फंसने की काल्पनिक सूचना पर रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास किया गया।
घटनाओं की सूचना प्राप्त होते ही जिला आपदा परिचालन केन्द्र में इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (आईआरएस) को सक्रिय किया गया। इसके साथ ही पुलिस, एसडीआरएफ, राजस्व, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा तथा पेयजल विभाग सहित विभिन्न विभागों की टीमें तत्काल संबंधित घटनास्थलों के लिए रवाना की गईं।
सभी निर्धारित स्थलों पर स्टेजिंग एरिया स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास शुरू किया गया। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करते हुए मॉक ड्रिल का संचालन किया गया।
यह अभ्यास मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं के प्रति प्रशासन की तैयारियों को सुदृढ़ करने तथा आपदा की स्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुआ।






