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कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मोटर मार्ग बंद करने के फरमान से भड़की नाराजगी, कपीरी विकास संघर्ष समिति ने दी आंदोलन की चेतावनी

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कर्णप्रयाग, 11 अगस्त। कर्णप्रयाग-धारडूंगरी-नैनीसैंण मोटर मार्ग को बहुगुणा नगर कर्णप्रयाग में भू-धंसाव के उपचार एवं निर्माण कार्य के चलते पूरी तरह बंद किए जाने के प्रशासन एवं सिंचाई विभाग के निर्णय से कपीरी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में आक्रोश है। मार्ग बंद किए जाने के विरोध में कपीरी विकास संघर्ष समिति के पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों का एक शिष्टमंडल मंगलवार को विधायक कर्णप्रयाग अनिल नौटियाल से मिला और मार्ग को पूर्ण रूप से बंद न करने की मांग की।
समिति ने विधायक को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मोटर मार्ग करीब 18 ग्राम सभाओं के लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख माध्यम है। इस मार्ग से गर्भवती महिलाएं, स्कूली बच्चे, बीमार मरीज, नौकरीपेशा लोग, शिक्षक और आम ग्रामीण रोजमर्रा की जरूरतों के लिए कर्णप्रयाग सहित अन्य शहरों तक पहुंचते हैं। ऐसे में मार्ग को पूरी तरह बंद करने से पूरे क्षेत्र का जनजीवन प्रभावित होगा।
समिति का कहना है कि सड़क बंद होने से वाहन स्वामियों को आर्थिक नुकसान होगा, गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और विकास कार्य भी प्रभावित होंगे। सरकारी एवं निजी निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की कीमत बढ़ने के साथ ही क्षेत्र में जरूरी सामान की आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है।
लोक निर्माण विभाग ने एनओसी देने से किया इनकार
मार्ग बंद करने के फैसले से नाराज शिष्टमंडल ने लोक निर्माण विभाग गोपेश्वर के अधिकारियों से भी मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने विभाग से पूछा कि सड़क बंद करने के लिए एनओसी किस आधार पर दी गई है। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क बंद करने की कोई एनओसी नहीं दी गई है।
इसके बाद शिष्टमंडल सिंचाई विभाग कर्णप्रयाग पहुंचा, लेकिन वहां कोई अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। प्रतिनिधिमंडल ने अपना ज्ञापन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को सौंपा।
सड़क बंद हुई तो गांधीवादी तरीके से आंदोलन
कपीरी विकास संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क को पूरी तरह बंद किया गया तो क्षेत्र की जनता लोकतांत्रिक और गांधीवादी तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। समिति ने प्रशासन से मांग की है कि भू-धंसाव वाले हिस्से में उपचार कार्य जारी रखते हुए आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि क्षेत्र की हजारों की आबादी को परेशानी का सामना न करना पड़े।
समिति पदाधिकारियों और क्षेत्र के सभी ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों सहित ग्रामीणों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन को जिलाधिकारी चमोली, उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं चमोली जिले के प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी तथा उपजिलाधिकारी कर्णप्रयाग को भी भेजा गया है।
शिष्टमंडल में कपीरी विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष खिलदेव रावत, महामंत्री महिपाल सिंह नेगी, उपाध्यक्ष एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य भगवान कंडवाल, छातेश्वर महादेव मंदिर समिति अध्यक्ष दिनेश सारस्वत, क्षेत्र पंचायत सदस्य नरेंद्र तोपाल शास्त्री, भरत भूषण जस्यारा, सुनीता देवी, ग्राम प्रधान पुष्पा देवी, रश्मि देवी, जमन नेगी, किरण देवी, जयबीर तोपाल, पुष्कर रावत, शैलेश, ममता देवी, प्रदीप कंडवाल, सुशील खंडूरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।