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माँ नन्दा अष्टमी सांस्कृतिक पर्यटन विकास मेला, पाणा के लिए जिलाधिकारी को निमंत्रण

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ग्राम पाणा में आयोजित होने वाले माँ नन्दा अष्टमी सांस्कृतिक पर्यटन विकास मेले के लिए जिलाधिकारी, चमोली को निमंत्रण पत्र भेंट किया गया। इस अवसर पर मेले की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्ता से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया।

ग्राम पाणा में माँ नन्दा अष्टमी मेले का आयोजन सदियों से ग्रामवासी अपनी आस्था, परंपरा और श्रद्धा के साथ करते आ रहे हैं। यह पौराणिक मेला धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उच्च हिमालयी क्षेत्र से प्राप्त ब्रह्म कमल एवं विभिन्न वन पुष्पों से सुसज्जित होकर ग्रामवासी माँ नन्दा के मंदिर प्रांगण में एकत्रित होते हैं और विधि-विधान से देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करते हैं।

ढोल-दमाऊ, शंखनाद एवं पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ देवी-देवताओं का आह्वान किया जाता है। मान्यता है कि देव अवतरण के पश्चात भक्तों को प्रसाद स्वरूप वन पुष्प एवं ब्रह्म कमल प्रदान किए जाते हैं। विशेष रूप से नवविवाहित दंपति अपने दांपत्य जीवन की सुख-समृद्धि तथा संतान प्राप्ति के लिए माँ नन्दा से आशीर्वाद मांगते हैं और उनकी मनोकामना पूर्ण होने की मान्यता है।

मेले के समापन अवसर पर ग्रामवासी ककड़ी, मुंगरी, आड़ू, सेब सहित विभिन्न फलों एवं स्थानीय फसलों का भोग माँ नन्दा को अर्पित करते हैं। इसके पश्चात सुगंधित घास से निर्मित माँ नन्दा की प्रतिमा को पारंपरिक आभूषणों से सजाकर कैलाश की ओर विदाई दी जाती है।

माँ नन्दा की विदाई का यह क्षण अत्यंत भावुक होता है। माता-बहनों के रुदन से वातावरण गमगीन हो उठता है, वहीं दूसरी ओर श्रद्धालु “जय माँ नन्दा” के जयकारों, ढोल-नगाड़ों एवं शंखनाद के साथ अपनी आराध्य देवी को भावपूर्ण विदाई देते हैं।

इस अवसर पर जिलाधिकारी से मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, स्वास्थ्य शिविर की स्थापना तथा पीएमजीएसवाई पोखरी के अधिकारियों को सड़क मार्ग सुचारु करने के लिए आवश्यक निर्देश देने का आग्रह भी किया गया।

विशेष रूप से पगना से पाणा तक के पैदल मार्ग तथा झिंजी पुल से ईरानी होते हुए पाणा तक के मोटर मार्ग को मेले से पूर्व यातायात के लिए सुचारु करने का अनुरोध किया गया, ताकि श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों को आवागमन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

प्रतिनिधिमंडल में पूर्व प्रधान एवं पूर्व जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट,मेला अध्यक्ष गैरव सिह बिष्ट पूर्व प्रधान ईरानी मोहन सिंह नेगी, प्रधान पाणा राजीव पनियाल, पूर्व सैनिक बीरेंद्र सिह फर्स्वाण, सामाजिक कार्यकर्ता दिलबर सिंह, कलीराम सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। साथ ही मिला कमेटी के सभी आयोजकों ने सभी जनप्रतिनिधियों समाजसेवियों मीडिया जगत से जुड़े सभी पत्रकार बंधुओ को मेले में आने के लिए निमंत्रण दिया

प्रतिनिधिमंडल के अनुरोध पर जिलाधिकारी चमोली ने संबंधित विभागों को तत्काल प्रभाव से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा मेले के दौरान सभी सुविधाओं को चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए।

माँ नन्दा अष्टमी सांस्कृतिक पर्यटन विकास मेला पाणा की सदियों पुरानी लोकसंस्कृति, धार्मिक आस्था, हिमालयी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। यह मेला क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति को संरक्षित करने के साथ-साथ पाणा एवं आसपास के क्षेत्र में उच्च हिमालयी पर्यटन को नई पहचान और गति देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।