Home उत्तराखंड केदारनाथ में टूटा पिछले साल का रिकॉर्ड, 20 लाख की ओर बढ़...

केदारनाथ में टूटा पिछले साल का रिकॉर्ड, 20 लाख की ओर बढ़ रही यात्रा

3
0

रुद्रप्रयाग। पंच केदार में प्रमुख श्रीकेदारनाथ धाम में इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। विजयदशमी के दिन 9 हजार 5 47 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए। इसके साथ ही इस वर्ष 22 अप्रैल को कपाट खुलने के बाद अब तक केदारनाथ में 17 लाख 75 हजार 59 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। यात्रा के लिये 25 दिन और शेष हैं, जिससे दर्शनार्थियों की संख्या 20 लाख के पार पहुंचने की उम्मीद है।
केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को भैयादूज के अवसर पर शीतकाल के लिए बंद होंगे। केदारनाथ धाम में पिछले वर्ष 17 लाख 68 हजार 795 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए थे। इस वर्ष यह आंकड़ा पहले ही पार हो चुका है।
केदारनाथ यात्रा इस वर्ष 22 अप्रैल को शुरू हुई थी। मई और जून के दौरान धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। बरसात के मौसम में भी भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
समुद्रतल से 11750 फीट की ऊंचाई पर स्थित कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और दुर्गम पहुंच वाले केदारनाथ की यात्रा को कोरोनाकाल के बाद प्रतिवर्ष नया आयाम मिल रहा है।
यात्रा मार्ग पर प्राकृतिक चुनौतियों के बावजूद आस्था के उल्लास अपने चरम पर है। सितंबर माह में चीरबासा क्षेत्र में पहाड़ी से भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाएं हुईं। इस दौरान पत्थरों की चपेट में आने से पांच वर्षीय बच्चे सहित चार यात्रियों की मौत हो गई थी। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रही।
धाम में मई माह में चार लाख से अधिक शिव भक्त पहुंचे। वहीं अन्य महीनों में भी निरंतरता बनी रही। सावन में भारी बरसात के बाद भी रिकार्ड 52 हजार शिव भक्तों ने धाम पहुंचकर अपने आराध्य का जलाभिषेक किया। सितंबर में एक लाख से अधिक श्रद्धालु पैदल, घोड़ा-खच्चर एवं हवाई मार्ग से यात्रा में शामिल हुए। कपाट खुलने के बाद से केदारनाथ में 17 लाख 75 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जो वर्ष 2025 से अधिक है। उम्मीद है कि 11 नवंबर को केदारनाथ के कपाट बंद होने तक दर्शनार्थियों की संख्या 20 लाख तक पहुंच जाए। दूसरी तरफ
केदारनाथ यात्रा में आंकड़ों की बात करें तो
वर्ष 2022 में 15 लाख 63 हजार 275 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे।
वर्ष 2023 में यह संख्या बढ़कर 19 लाख 71 हजार 25 हो गई थीं।
वर्ष 2024 में 16 लाख 52 हजार 70 और
वर्ष 2025 में 17 लाख 68 हजार 795 श्रद्धालु बाबा के दरबार में पहुंचे थे।
जून 2013 की भीषण आपदा से प्रभावित केदारनाथ धाम की यात्रा ने वर्ष 2015 के बाद फिर गति पकड़ी। वहीं, वर्ष 2019 में पहली बार दर्शनार्थियों की संख्या 10 लाख के पार पहुंची थी। कोरोनाकाल के बाद यात्रा को नया आयाम मिला।

बॉक्स
पीएम मोदी की भूमिका रही खास
वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी पहली बार वर्ष 2017 में पहली बार केदारनाथ पहुंचे। इसके बाद वर्ष 2018 में उन्होंने केदारनाथ पुनर्निर्माण के तहत 500 करोड़ की साथ योजनाओं का शिलान्यास किया। साथ ही केदारनाथ पुननिर्माण को अपने ड्रीम प्रोजेक्ट बताया। साथ ही समय-समय पर आनलाइन व अन्य माध्यमों से केदारनाथ पुननिर्माण कार्यो की जानकारी भी लेते रहे। पीएम मोदी छह बार केदारनाथ पहुंच चुके हैं। प्रधानमंत्री के केदारनाथ के प्रति इस अगाध भक्ति का असर यह हुआ कि धाम की यात्रा को नया आयाम मिलने लगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का केदारनाथ से पुराना नाता रहा है। अस्सी के दशक में उन्होंने गरुड़चट्टी में करीब सवा महीने रहते हुए साधना की थी। तब, वे रोजाना गरुड़चट्टी से पुल पार कर बाबा केदार के दर्शनों को केदारनाथ मन्दिर में आते थे। स्वयं उन्होंने अपने केदारनाथ दौरों में यह बात कई बार कही है।