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गणित के क्षेत्र में डॉ. दिव्यांशु चमोली को ‘यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड’

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गणित के क्षेत्र में डॉ. दिव्यांशु चमोली को ‘यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड’
गढ़वाल विश्वविद्यालय के युवा शोधकर्ता ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान, राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन में उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए मिला सम्मान
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के गणित विभाग में गेस्ट फैकल्टी के रूप में कार्यरत डॉ. दिव्यांशु चमोली ने विज्ञान एवं शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्हें उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) की ओर से आयोजित 21वें उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन (USSTC-2026) में प्रतिष्ठित ‘यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। उनकी इस उपलब्धि से गढ़वाल विश्वविद्यालय सहित श्रीनगर और पूरे उत्तराखंड का मान बढ़ा है।
देहरादून स्थित विज्ञान धाम में 25 और 26 अक्टूबर 2026 को आयोजित सम्मेलन में डॉ. चमोली को गणित एवं सांख्यिकी/गणितीय विज्ञान विषय के अंतर्गत उत्कृष्ट मौखिक अथवा पोस्टर प्रस्तुति के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। यह पुरस्कार युवा वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने के साथ ही उनके शोध कार्यों और अकादमिक योगदान को पहचान देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जाता है।
डॉ. दिव्यांशु चमोली ने गढ़वाल विश्वविद्यालय से ही प्रोफेसर रमेश चंद्र डिमरी के निर्देशन में गणित विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। वर्तमान में वह विश्वविद्यालय के गणित विभाग में गेस्ट फैकल्टी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। जिस संस्थान से उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की, उसी संस्थान में शैक्षणिक कार्यों से जुड़कर राज्यस्तरीय वैज्ञानिक सम्मेलन में सम्मान हासिल करना उनकी शैक्षणिक यात्रा की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
डॉ. चमोली के पिता बुद्धि बल्लभ चमोली भी गढ़वाल विश्वविद्यालय में कर्मचारी हैं। उनकी इस सफलता से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। विश्वविद्यालय परिवार ने डॉ. चमोली को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
डॉ. चमोली की उपलब्धि उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने की आकांक्षा रखने वाले युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी सफलता ने यह संदेश दिया है कि निरंतर मेहनत, समर्पण और शोध के प्रति प्रतिबद्धता से पहाड़ की प्रतिभाएं भी विज्ञान के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना सकती हैं।