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विकास योजनाओं के प्रस्तावों का लागत-लाभ विश्लेषण अनिवार्य, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

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देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपदों के साथ विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों एवं प्रस्तावों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को विकास योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करते समय उनकी आवश्यकता, उपयोगिता और आर्थिक व्यवहार्यता का आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रस्ताव को शासन को भेजने से पहले उसका लागत-लाभ विश्लेषण (कॉस्ट बेनिफिट एनालिसिस) अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि योजना से होने वाले वास्तविक लाभ का आकलन किया जा सके।
मुख्य सचिव ने प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज के संचालन में आ रही व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए अच्छे कार्य कर रहे स्वयं सहायता समूहों को भी इनके संचालन से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को आवश्यक तकनीकी दक्षता और विशेषज्ञता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज की वर्तमान एवं भविष्य की जरूरत का आकलन कर आवश्यक प्रस्ताव तैयार किए जाएं।
उन्होंने प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क विहीन (शैडो एरिया) क्षेत्रों का व्यापक सर्वेक्षण कर सूची तैयार करने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर भी नेटवर्क की स्थिति का विस्तृत विवरण जुटाया जाएगा। इसमें राजमार्ग के किस किलोमीटर से किस किलोमीटर तक नेटवर्क उपलब्ध नहीं है, इसका स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग को दूरसंचार विभाग से भी आवश्यक जानकारी प्राप्त कर नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
मुख्य सचिव ने देहरादून जनपद के त्यूणी उप जिला अस्पताल को 15 नवंबर तक अनिवार्य रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में चिकित्सकों की तैनाती के साथ आवश्यक मानव संसाधन, उपकरण और अन्य आधारभूत सुविधाएं समय से उपलब्ध कराने को कहा, ताकि क्षेत्रवासियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
विद्यालयों में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने शौचालयों सहित पूरे विद्यालय परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा। इसके लिए प्रधानाचार्यों को उपलब्ध कराए जाने वाले अनटाइड फंड में जरूरत के अनुसार वृद्धि की संभावनाओं पर विचार करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालय भवनों की मरम्मत और नए भवनों के निर्माण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा।
बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, अमित कुमार सिन्हा, सहदेव सिंह, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, बृजेश कुमार संत, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. एसएन पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, दीपक कुमार, श्रीधर बाबू अद्दांकी, सी. रविशंकर, युगल किशोर पंत, रणवीर सिंह चौहान, डॉ. अहमद इकबाल, रंजना राजगुरु, राजेंद्र कुमार, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत सहित विभिन्न जनपदों के जिलाधिकारी मौजूद रहे।