Home उत्तराखंड गंगा आरती से दिया प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण का संदेश

गंगा आरती से दिया प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण का संदेश

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राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार एवं राज्य स्वच्छ गंगा मिशन उत्तराखंड नमामि गंगे के संयुक्त तत्वावधान में गंगा उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

गंगा नदी को 4 नवम्बर को राष्ट्रीय नदी घोषित किए जाने के उपलक्ष्य में गंगा उत्सव कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसके तहत महाविद्यालय में कल दिनांक 4 नवम्बर को रंगोली एवं भाषण प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएंगी।

महाविद्यालय नमामि गंगे इकाई की सदस्य डॉ.कृतिका बोरा के संयोजन में गंगा उत्सव के अन्तर्गत गोपेश्वर गांव में प्राकृतिक जलस्रोत वैतरणी में गंगा आरती एवं प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण हेतु जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

प्राचार्य प्रो.एम.पी.नगवाल ने गंगा उत्सव की बधाई देते हुए सभी छात्र-छात्राओं से स्थानीय स्तर पर अपने-अपने आसपास के क्षेत्रों के जलस्रोतों को स्वच्छ एवं संरक्षित करने हेतु प्रेरित किया।

नमामि गंगे,एनसीसी,एन एस एस, रोवर रेंजर्स तथा छात्र-छात्राओं ने महाविद्यालय से नगर में रैली निकालते हुए जल स्रोतों के संरक्षण हेतु नारे लगाकर उनकी स्वच्छता एवं संरक्षण का संदेश प्रसारित किया।

भूगोल के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.देवकीनन्दन जोशी ने गंगा नदी की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गंगा को स्वच्छ बनाना केवल सरकार का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।गंगा नदी का संरक्षण हमारे पर्यावरण, जैव विविधता और भावी पीढ़ियों के भविष्य के लिए आवश्यक है। सामूहिक प्रयासों से ही गंगा को स्वच्छ, निर्मल एवं अविरल बनाया जा सकता है।

इस अवसर पर नमामि गंगे इकाई से डॉ.कृतिका बोरा व डॉ.सुमित सजवाण, राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ.विधि ढोंडियाल, डॉ.सौरभ कुमार, डॉ.चन्दा, डॉ.राहुल शर्मा तथा नमामि गंगे, एनसीसी,एनएसएस,रोवर रेंजर्स व अन्य छात्र छात्राएं शामिल