चमोली:केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नाम में बदलाव किए जाने को लेकर ज़िले की राजनीति गरमा गई है। इस फैसले के विरोध में ज़िला कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सोमवार को ज़िलाधिकारी (डीएम) परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व स्थानीय विधायक बद्रीनाथ ने किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के फैसले को महात्मा गांधी के योगदान का अपमान बताते हुए कड़ी नाराज़गी जताई। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर नारेबाज़ी की और केंद्र सरकार से निर्णय वापस लेने की मांग की।
विधायक बद्रीनाथ ने कहा कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के लिए रोजगार की गारंटी है, जिसे महात्मा गांधी के नाम से जोड़कर सामाजिक न्याय और सम्मान का प्रतीक बनाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार योजनाओं के नाम बदलकर जनता का ध्यान मूल मुद्दों—बेरोज़गारी और महंगाई—से भटकाना चाहती है।
कांग्रेस नेताओं ने डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा और चेतावनी दी कि यदि यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो पार्टी राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।

प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे। स्थिति शांतिपूर्ण रही और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
इस दौरान जिला।अध्यक्ष।सुरेश डिमरी, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष उषा रावत, मुकुल बिष्ट, महेश त्रिकोटि, धीरेन्द्र गढ़िया, गोविंद सजवान, अनिलसिह योगेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे








