चमोली : मंत्री पर्यटन, सिंचाई, लघु सिंचाई, जलागम प्रबन्धन एवं संस्कृति, सतपाल महाराज का जनपद भ्रमण कार्यक्रम प्राप्त हुआ है। यह जानकारी देते हुए अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार चनियाल ने बताया कि मा0 मंत्री जी 28 नवम्बर को अपराहन...
चमोली :एसबीआई आरसेटी की ओर से विकासखंड नारायणबगड के सणकोट गांव में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी 35 महिलाओं को 6 दिवसीय न्यूट्री गार्डन प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर बुधवार को लीड बैंक प्रबंधक प्रताप...
देहरादून: भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की फाॅरेस्ट एडवाइज़री कमेटी द्वारा सौंग बांध परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है।
करीब ₹1100 करोड़ की लागत वाली सौंग बांध पेयजल परियोजना के डिजाइन को केंद्रीय जल आयोग पहले ही...
गोपेश्वर-गोपेश्वर मण्डल सडक पर बीती 25 अक्टूबर को वीरगंगा में सदिग्ध परिस्थितियो ंशव मिला जिसकी पहचान पपडियाणा निवासी विकास के रूप में हुई। पुलिस ने विकास के रिश्ते के भाई रजत के इकबालिया बयान के बाद गिरफतार कर लिया...
चमोली: में विकासखण्ड घाट को जोड़ने वाली नंदप्रयाग.घाट सड़क पर बारिश के मौसम में हो रहे डॉमरीकरण कार्य को व्यापार संघ और टैक्सी यूनियन के प्रतिनिधियों ने कार्यस्थल पर पहुंचकर रुकवा दिया है।साथ ही विभाग के अधिकारियों को ठंड...
नीति घाटी के सूगी व जुम्मा गांव में आजादी के कई दशकों बाद बजी मुबाईल फोन की घंटी मुख्य मंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आंनलाईन किया उदघाटन*।
चमोली: चमोली के सीमांत नीति घाटी क्षेत्र के जुम्मा एवं सूगी में...
चमोली के ज़िला अस्पताल गोपेश्वर में बनाये गए कोरोना वार्ड में भर्ती कोरोना मरीज की उपचार के दौरान मौत मौत हो गई है।मृतक कोरोना मरीज की उम्र 43 वर्ष थी।और वह कर्णप्रयाग निवासी बताया जा रहा है।मृतक के शव...
गोपेश्वर: बदरीनाथ राष्टीय राजमार्ग पर देर रात टंगडी के पास कार खाई में जा गिरी और चालक की मौके पर ही मौत हो गई। थाना जोशीमठ से मिली जानकारी के अनुसार देर रात लगभग एक कार बदरीनाथ राष्टीय राजमार्ग...
गोपेश्वर। आयुर्वेदिक एवं यूनानी मिनिस्टीरियल एसोसिएशन उत्तराखंड ने विभाग पर आरोप लगाया है कि विभाग में कई कर्मियों का नियम विरुद्ध समायोजन किया गया है। यही नहीं वरिष्ठ कर्मियों को छोड़कर इनको पदोन्नति भी दी जा रही है। एसोसिएशन के...
गोपेश्वर :पहाड़ों के गांवों में मनाई जाने वाले इगास को लेकर खूब उत्साह है । यहां इसे अलग अलग नामों से भी मनाया जाता है । चमोली के गांवों में इसे काणसी बग्वाल तो कहीं बुढ्या बग्वाल और कहीं...











