मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री वाराही धाम के नव-निर्मित कार्यों का शुभारम्भ होना, हम सभी के लिए सौभाग्य का क्षण है। माँ वाराही का प्राचीन धाम सदियों से श्रद्धा, आस्था और शक्ति का केंद्र रहा है। वाराही धाम में आयोजित होने वाला बग्वाल मेला हमारी वीरता, परंपरा और सामूहिक आस्था का अद्भुत संगम है। राज्य सरकार ने इसे राजकीय मेला घोषित भी किया है।

उन्होंने कहा कि नव-निर्माण मंदिर को और अधिक भव्य एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान करेगा। यह धाम आस्था के साथ विकास और समृद्धि का भी प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थित चारधाम, शक्तिपीठ, सिद्धपीठ और अन्य मंदिर, हमारी सनातन परंपरा और सांस्कृतिक पहचान के जीवंत प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण एवं पुनरुत्थान का कार्य भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत को भव्य रूप प्रदान करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, देवभूमि उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने का कार्य कर रही है। केदारखंड के साथ ही मानसखंड के पौराणिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि चम्पावत क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शारदा कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। ₹179 करोड़ की लागत से शारदा घाट के पुनर्विकास कार्य का शिलान्यास किया गया है। लगभग ₹430 करोड़ की लागत से गोल्ज्यू कॉरिडोर का निर्माण कार्य गतिमान है।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष श्री गोविंद सामंत, श्री वाराही शक्ति पीठ ट्रस्ट के संरक्षक/संस्थापक श्री लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, अध्यक्ष श्री हीरा बल्लभ जोशी, श्री निर्मल माहरा, श्री श्याम नारायण पाण्डे एवं अन्य लोग मौजूद रहे।








