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धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: गौपालन योजना का विस्तार, श्रमिकों को नए अधिकार, हाईकोर्ट और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी को मिली मंजूरी

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में जनकल्याण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, श्रमिक कल्याण, शिक्षा, न्यायिक आधारभूत संरचना, खेल, पर्यटन, पेयजल तथा औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक के बाद महानिदेशक सूचना एवं अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने मीडिया को फैसलों की जानकारी दी।
कैबिनेट ने राज्य सेक्टर की गौ पालन योजना का दायरा बढ़ाते हुए सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी योजना में शामिल करने का निर्णय लिया। अब लाभार्थी गाय के साथ-साथ भैंस खरीदने का विकल्प भी चुन सकेंगे। पशु की यूनिट लागत 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। इससे पहले वर्ष में लगभग 2128 पशुपालकों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
श्रमिकों के हित में कैबिनेट ने उत्तराखण्ड मजदूरी संहिता नियमावली, 2026 लागू करने का निर्णय लिया। इसके तहत न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन, डिजिटल भुगतान तथा समान कार्य के लिए महिला और पुरुष को समान वेतन जैसे प्रावधान लागू होंगे। साथ ही उत्तराखण्ड औद्योगिक संबंध नियमावली, 2026 को भी मंजूरी दी गई, जिसमें औद्योगिक विवादों के समयबद्ध समाधान, ट्रेड यूनियनों की मान्यता, शिकायत निवारण समितियां और श्रमिक री-स्किलिंग फंड का प्रावधान किया गया है।
समाज कल्याण विभाग के छात्रावासों के लिए नई संचालन नियमावली लागू करने का निर्णय लिया गया है, जिससे अनुसूचित जाति एवं जनजाति के मेधावी छात्र-छात्राओं को बेहतर आवास, भोजन और शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ईको टूरिज्म की उच्चाधिकार प्राप्त समिति का पुनर्गठन किया गया है। वहीं केंद्र सरकार के संशोधनों के अनुरूप उत्तराखण्ड जीएसटी अधिनियम, 2017 में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने का भी निर्णय लिया गया।
कैबिनेट ने हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण के लिए लगभग 40 हेक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित करने को मंजूरी दी। साथ ही उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गौलापार के संचालन के लिए 122 नियमित पदों सहित आवश्यक तकनीकी एवं सहायक पदों की स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में दिनेशपुर एवं शक्ति फार्म क्षेत्र के बंगाली मूल के अनुसूचित जाति समुदाय के प्रतिनिधित्व को सहायता कोष संचालन समिति में सुनिश्चित करने, सहकारी समिति नियमावली से कुष्ठ रोग संबंधी भेदभावपूर्ण प्रावधान हटाने, ग्रामीण पेयजल योजनाओं के हस्तांतरण के लिए भारत सरकार के प्रोटोकॉल को लागू करने तथा वन विकास निगम में स्केलर पदों की भर्ती को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए लिखित परीक्षा लागू करने का भी निर्णय लिया गया।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड सरकार के बीच गंगा एक्सप्रेस-वे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए जाने को मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि इससे धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक निवेश, व्यापार और रोजगार को नई गति मिलेगी।