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आठ साल से अधूरा बुरूकोट गधेरे का पुल, ग्रामीणों में आक्रोश — आंदोलन की चेतावनी!

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देवाल/चमोली। थराली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत देवाल–वाण मोटरमार्ग के किलोमीटर 43 स्थित बुरूकोट गधेरे में पिछले करीब आठ वर्षों से पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। पुल के अभाव में स्थानीय ग्रामीणों के साथ ही इस मार्ग से आवाजाही करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) थराली की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए विभाग पर लंबे समय से समस्या की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि बुरूकोट गधेरे में पुल निर्माण की मांग को लेकर वे पिछले आठ वर्षों से लगातार शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग से गुहार लगाते आ रहे हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई धरातल पर दिखाई नहीं दी। बरसात के समय गधेरे में पानी बढ़ने से यहां से वाहनों और यात्रियों का गुजरना जोखिम भरा हो जाता है।
सामाजिक कार्यकर्ता हीरा सिंह गढ़वाली ने कहा कि इन आठ वर्षों में थराली विधानसभा क्षेत्र में दो विधायक बदल चुके हैं, लेकिन बुरूकोट गधेरे का पुल आज भी नहीं बन पाया। ग्रामीणों द्वारा कई बार पीडब्ल्यूडी थराली, जिला प्रशासन चमोली सहित संबंधित अधिकारियों के सामने यह मामला उठाया जा चुका है। क्षेत्रीय विधायक भी स्वयं मौके का निरीक्षण कर पुल निर्माण का आश्वासन दे चुके हैं, इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि देवाल–वाण मोटरमार्ग धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। यह मार्ग नन्दा देवी राजजात यात्रा के प्रमुख मार्गों में शामिल है। इसी मार्ग से प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु वाण स्थित श्री लाटू देवता मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा रूपकुंड, आली बुग्याल, बेदनी बुग्याल और मोनाल ट्रेक जाने वाले बड़ी संख्या में देश-विदेश के पर्यटक भी इसी मार्ग का उपयोग करते हैं।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और पीडब्ल्यूडी से मांग की है कि बुरूकोट गधेरे में पुल निर्माण की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अब भी उनकी वर्षों पुरानी मांग की अनदेखी की गई तो आगामी समय में वे धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों का सवाल है— आखिर आठ साल के लंबे इंतजार के बाद भी बुरूकोट गधेरे का पुल कब बनेगा!