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देहरादून में मंत्री रेखा आर्य ने पति पर लगाए धोखाधड़ी, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप

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देहरादून में मंत्री रेखा आर्य ने पति पर लगाए धोखाधड़ी, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप
कैंट थाने में मुकदमा दर्ज, एससी-एसटी एक्ट समेत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में कार्रवाई
देहरादून। मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी पर धोखे में रखकर विवाह करने, अन्य महिलाओं से संबंध रखने, मारपीट करने, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनकी शिकायत पर कैंट थाना पुलिस ने 15 अक्टूबर 2026 को मुकदमा दर्ज किया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, यमुना कॉलोनी, चकराता रोड, देहरादून निवासी 48 वर्षीय रेखा आर्य ने बताया कि उनका विवाह 6 जुलाई 2004 को उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार हुआ था। महिला का आरोप है कि वह अनुसूचित जाति की सदस्य हैं और उनके पति को विवाह के समय से ही इसकी जानकारी थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गिरधारी लाल साहू ने विवाह के समय स्वयं को अविवाहित बताया था, जबकि बाद में महिला को पता चला कि वह पहले से विवाहित थे और उनके पूर्व विवाह से बच्चे भी थे। महिला के अनुसार, परिवार और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने उस समय चुप्पी साधे रखी।
महिला ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से उनके पति का व्यवहार बदल गया था। उन्हें जानकारी मिली कि पति के अन्य महिलाओं से भी संबंध हैं। इस पर आपत्ति जताने पर पति ने पहले अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखित और मौखिक रूप से माफी मांगी, लेकिन इसके बाद भी कथित रूप से अपना व्यवहार नहीं बदला।
शिकायत के मुताबिक, विरोध करने पर महिला के साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पति ने कई बार सरकारी आवास में स्टाफ के सामने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उनका अपमान किया।
महिला ने पति पर कूटरचित हस्ताक्षर और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संबंधित कंपनियों में उन्हें निदेशक पद से हटाए जाने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उन्होंने इस संबंध में कोई दस्तावेज निष्पादित नहीं किया और न ही कोई त्यागपत्र दिया।
शिकायत में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग का भी उल्लेख किया गया है। महिला का आरोप है कि इसमें उनके पति एक अन्य महिला से बातचीत के दौरान उन्हें जान से मारने की साजिश रचने की बात कर रहे हैं। उन्होंने अपनी और अपने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर खतरा जताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
कैंट थाना पुलिस ने 15 अक्टूबर 2026 को शाम 7:25 बजे एफआईआर संख्या 0158 के तहत मामला दर्ज किया। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराएं 61(2), 115(2), 318(4), 335, 336(3), 340(2), 82, 85, 352 और 351(3) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं 3(1)(r), 3(1)(s) और 3(2)(va) दर्ज हैं।
नोट: मामले में लगाए गए आरोप महिला की शिकायत और प्राथमिकी पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।