Home उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज, चमोली में ईवीएम-वीवीपैट की जांच शुरू

विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज, चमोली में ईवीएम-वीवीपैट की जांच शुरू

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1,130 बैलेट यूनिट, 1,400 कंट्रोल यूनिट और 1,294 वीवीपैट मशीनों की होगी प्रथम स्तरीय जांच

चमोली । आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत चमोली जनपद में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) शुक्रवार से शुरू हो गई है। विकास भवन गोपेश्वर के सामने स्थित ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस में इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) के अधिकृत इंजीनियर मशीनों की जांच कर रहे हैं। यह प्रक्रिया जिला निर्वाचन अधिकारी की निगरानी में संपन्न हो रही है, जिसमें मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद हैं।
जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक सामान्य और उप निर्वाचन से पहले ईवीएम तथा वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच अनिवार्य है। निर्वाचन प्रक्रिया में केवल जांच के दौरान प्रमाणित मशीनों का ही उपयोग किया जाता है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को जांच प्रक्रिया पारदर्शिता, सुरक्षा और निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि एफएलसी की प्रक्रिया प्रतिदिन सुबह नौ बजे से शाम सात बजे तक संचालित होगी। जांच का कार्य पूरा होने तक यह प्रक्रिया जारी रहेगी। रविवार और अन्य सार्वजनिक अवकाशों में भी मशीनों की जांच की जाएगी। इसकी निगरानी जिला निर्वाचन अधिकारी के साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड और भारत निर्वाचन आयोग के स्तर से भी की जाएगी।
चमोली में उपलब्ध हैं 3,824 मशीनें
अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक प्रकाश ने बताया कि वर्तमान में जनपद में 1,130 बैलेट यूनिट (बीयू), 1,400 कंट्रोल यूनिट (सीयू) और 1,294 वीवीपैट मशीनें उपलब्ध हैं। इन सभी मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच निर्वाचन तैयारियों का महत्वपूर्ण चरण है।
एफएलसी हॉल में मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। अधिकारियों, कर्मचारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अपने मोबाइल निर्धारित काउंटर पर जमा करने होंगे। हॉल में एक समय में अधिकतम तीन मोबाइल फोन की अनुमति होगी। इनमें दो मशीनों की स्कैनिंग और एक ईसीआईएल इंजीनियरों के उपयोग के लिए निर्धारित रहेगा। वेयरहाउस में केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश दिया जाएगा।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अपने अधिकृत प्रतिनिधियों को जांच प्रक्रिया में शामिल होने के लिए भेजने की अपील की, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वास बना रहे।
इस दौरान सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी धीरेन्द्र सती, तहसीलदार दीप्तिशिखा, आम आदमी पार्टी के अनूप सिंह, कांग्रेस के अनूप रावत, भाजपा के गोविंद सिंह सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे