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जनपद स्तर पर जनगणना 2027 का प्रशिक्षण 19 फरवरी से 21 फरवरी तक आयोजित

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जनपद के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी जनगणना-2027 के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवन्तापूर्ण ढंग से कार्यों को संपादित करे :-अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश

पूर्ववर्ती वर्षों की भांति इस बार भी जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी

प्रथम चरण – मकान सूचिकारण एवं मकानों की गणना, द्वितीय चरण – जनसंख्या गणना

भारत के पूर्ण जनगणना वर्ष 2011 में संपन्न हुई थी इसी क्रम में आगामी जनगणना 2027 का प्रथम चरण मैं किया जाना निश्चित हुआ है

अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने बताया कि इसी क्रम में जनपद स्तर पर समस्त संबंधित अधिकारी, चार्ज अधिकारी, चार्ज सहायक एवं अन्य कर्मचारियों की दिनांक 19 फरवरी 21 फरवरी तक प्रशिक्षण आयोजित किया जाना है । आगामी जनगणना 2027 के दृष्टियों से ऐतिहासिक एवं विशेष है, क्योंकि यह प्रथम अवसर होगा जब संपूर्ण जनगणना शत-प्रतिशत डिजिटल के माध्यम से संपादित की जाएगी।

इस बार जनगणना कार्य पूर्णेतः मोबाईल एप्लीकेशन आधारित होगा

प्रगणक (Enumerator) एवं पर्यवेक्षक (Supervisor) अपने स्वयं के मोबाइल फोन के माध्यम से आंकड़ों का संकलन करेंगे, साथ ही आरंभ से अंत तक संपूर्ण संरचना, पर्यवेक्षण एवं प्रबंधन हेतु जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS Portal) का उपयोग किया जाएगा, जिसे इस बार जनगणना का ‘मस्तिष्क’ कहा जा सकता है।

जनगणना के चरणः

पूर्ववर्ती वर्षों की भांति इस बार भी जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी

प्रथम चरण – मकान सूचिकरण एवं मकानों की गणना
अपर जिलाधिकारी ने अवगत कराया की राज्य में प्रथम चरण का कार्य, दिनांक 25 अप्रैल 2026 से 24 मई 2026 तक किया जाना प्रस्तावित हैं। यह कार्य घर-घर जाकर क्षेत्रीय सर्वेक्षण के रूप में किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, स्व-गणना (Self Enumeration) के कार्य की अवधि 10 अप्रैल 2026 से 24 अप्रैल 2026 तक प्रस्तावित है। इस सुविधा के अंतर्गत परिवारों को प्रथम बार एक वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही प्रगणक द्वारा उक्त विवरण का सत्यापन कर आंकड़ों का संकलन किया जागा।

द्वितीय चरण – जनसंख्या गणना

यह चरण 09 फरवरी 2027 से 28 परवरी 2027 तक संचालित होगा।

उत्तराखंड राज्य के हिमाच्छादित के क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान के अंतर्गत जनसंख्या गणना 11 सितंबर 2026 से 30 सितम्बर 2026 तक किया जाना प्रस्तावित है।

प्रशासनिक संरचना एवं दायित्यः
जनपद के प्रत्येक तहसील एवं नगर को एक विशिष्ट जनगणना चार्ज क रूप में चिन्हित किया जाएगा। प्रत्येक चार्ज में एक चार्ज अधिकारी नामित किया जाएगा, जो जनगणना कार्य का प्रमुख दायित्व निभाएगा ।

चार्ज अधिकारी की मुख्य जिम्मेदारी निम्नवत है

वेब मैपिंग एप एवं क्रिएटर ऐप के माध्यम से जियो-टैगिंग कर हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों का निर्माण

सीमाओं (Boundaries का निर्धारण एवं सत्यापन।

हाऊस लिस्टिंग एवं जनसंख्या गणना कार्य की निगरानी।

वेब पोर्टल एवं CMMS के माध्यभ से संर्ण प्रबंधन एवं पर्यवेक्षण।

फील्ड कार्य की समयबद्धता , पूर्ण कवरेज एवं आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित करना।

जमीनी स्तर पर जनगणना कार्य के सफल क्रियान्वयन में चार्ज अधिकारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी ।

प्रशिक्षण व्यवस्था

सभी प्रशिक्षण संबंधी गतिविधियोँ CMMS पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाएंगी। सर्वप्रथम क्षेत्रीय प्रशिक्षकों(FleldTrainers) को प्रशिक्षित किया जाएगा, तत्पश्चात वे प्रगणकों एव पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।

शत-प्रतिशत डिजिटल प्रणाली लागू होने से डेटा की गुणवत्ता, सटीकता एवं त्वरित संकलन में उल्लेखनीय सुधार अपेक्षित है, जो पूर्वर्ती जनगणना की तुलना में अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी होगा।

अपर जिलाधिकारी ने जनपद स्तर पर समस्त संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे जनगणना-2027 के कार्य को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवन्तापूर्ण ढंग से कार्यों को संपादित करना सुनिश्चित करें। साथ ही अपने क्षेत्रांतर्गत जनजागरूकता अभियान भी चलाए।