कैबिनेट के अहम फैसले
देहरादून। उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने राज्य के प्रशासनिक ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, पशुपालन और निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए। बैठक में सतर्कता अधिष्ठान के ढांचे के पुनर्गठन से लेकर उच्च शिक्षा में कौशल विकास और निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के मानकों में संशोधन को मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल ने सतर्कता अधिष्ठान के ढांचे के पुनर्गठन को मंजूरी देते हुए 11 पदों को समाप्त करने तथा छह नए पद सृजित करने का निर्णय लिया। वहीं, मुख्य आरक्षी नागरिक पुलिस के पांच पद बढ़ाए जाएंगे।
नियोजन विभाग के प्रस्ताव पर उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना अधिनियम की अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों की परिसंपत्तियों के विनिवेश या मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
मंत्रिमंडल ने 1873 के उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम को निरसित करते हुए राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक, 2026 को विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दी।
कुक्कुट आहार सब्सिडी योजना में अब लाभार्थियों को सब्सिडी आधार सीडेड या लिंक्ड बैंक खाते के माध्यम से डीबीटी से दी जाएगी। पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन विभागों में बेहतर समन्वय और प्रशासन के लिए महानिदेशक का नया पद भी सृजित किया जाएगा।
1.19 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा कौशल योजना का लाभ
उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता और उद्यमिता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना, 2026 को मंजूरी दी गई। योजना से राज्य के राजकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों तथा संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत करीब 1.19 लाख विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। योजना पर पांच वर्षों में लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
पर्वतीय क्षेत्रों में निजी विश्वविद्यालयों के लिए 2500 वर्गमीटर क्षेत्र
निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के मानकों में भी संशोधन किया गया है। संशोधित व्यवस्था के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 2,500 वर्गमीटर और मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम 20,000 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र की व्यवस्था होगी। साथ ही गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अलग मूल्यांकन मानक निर्धारित किए जाएंगे।
नरेंद्रनगर में खुलेगा उप निबंधक कार्यालय
मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में टिहरी जिले की तहसील नरेंद्रनगर में उप निबंधक कार्यालय की स्थापना को मंजूरी मिली। कार्यालय के क्षेत्राधिकार में नरेंद्रनगर तहसील के 98 और पावकी देवी उपतहसील के 35, कुल 133 राजस्व गांव शामिल होंगे। इससे लोगों को पंजीकरण संबंधी सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।
इसके अलावा मंत्रिमंडल ने उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की सौंदर्याकरण उपशाखा को निक्षेपित करने, उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था नियमावली, 1952) में संशोधन तथा वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को मंजूरी दी।
राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट और डेमोंस्ट्रेटर की कमी को देखते हुए संबंधित पदों पर तैनात कार्मिकों के वेतन एवं मानदेय के पुनर्निर्धारण को भी मंजूरी प्रदान की गई।








