Home उत्तराखंड गोल्ड पर सनाया का निशाना, श्रीनगर की बेटी ने फिर रचा इतिहास

गोल्ड पर सनाया का निशाना, श्रीनगर की बेटी ने फिर रचा इतिहास

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सीबीएसई नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप में 30 मीटर इंडियन राउंड में जीता स्वर्ण पदक, 12 वर्ष की उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर शानदार उपलब्धि

श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर की होनहार तीरंदाज सनाया (माही) भंडारी ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्णिम सफलता हासिल की है। हरियाणा के पानीपत स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल, पानीपत सिटी में 20 से 26 सितंबर तक आयोजित सीबीएसई नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप-2026 में सनाया ने 30 मीटर इंडियन राउंड में शानदार निशानेबाजी करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

सिर्फ 12 वर्ष की उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाली सनाया भंडारी सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल, देहरादून की कक्षा आठवीं की छात्रा हैं। सनाया की इस उपलब्धि पर श्रीनगर में खुशी का माहौल है। लगातार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही सनाया ने एक बार फिर साबित किया है कि पहाड़ की बेटियां किसी भी मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकती हैं। प्रतियोगिता में देशभर से खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, जिसमें सनाया ने सटीक निशानेबाजी के साथ शानदार प्रदर्शन किया।

कोच कुलदीप बिष्ट के मार्गदर्शन में स्वर्णिम निशाना – सनाया की इस सफलता में उनके कोच कुलदीप बिष्ट का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा। नियमित अभ्यास, तकनीकी प्रशिक्षण और लगातार मेहनत के जरिए सनाया ने अपने प्रदर्शन में निरंतर सुधार किया है।

राष्ट्रीय स्तर पर लगातार बढ़ रहा सनाया का कद – सनाया की यह उपलब्धि उनकी लगातार आगे बढ़ती खेल यात्रा की एक और महत्वपूर्ण कड़ी है। इससे पहले उन्होंने मार्च 2025 में आंध्र प्रदेश में आयोजित नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया था। इसके बाद जून 2025 में नैनीताल में आयोजित 6वीं सब जूनियर एवं 8वीं सीनियर स्टेट आर्चरी चैंपियनशिप में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था। वहीं नवंबर 2025 में अरुणाचल प्रदेश में आयोजित नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप में भी सनाया ने प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

इसके बाद जुलाई 2026 में देहरादून में आयोजित सीबीएसई नॉर्थ जोन आर्चरी चैंपियनशिप में सनाया ने अंडर-14 वर्ग में सिंगल और डबल स्पर्धा में दो गोल्ड मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की थी। प्रतियोगिता में करीब 600 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था। सनाया ने इंडियन राउंड में 70 मीटर और 30 मीटर की स्पर्धाओं में अपनी निशानेबाजी का दम दिखाया था।

मां आरती भंडारी का बेटी की सफलता में अहम योगदान – सनाया की सफलता के पीछे उनकी मां और श्रीनगर की महापौर आरती भंडारी की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। राजनीतिक और सामाजिक जिम्मेदारियों के साथ लगातार व्यस्त रहने के बावजूद आरती भंडारी अपनी बेटी के खेल और भविष्य को लेकर पूरी तरह सजग रहती हैं। दिनभर जनसेवा और नगर की जिम्मेदारियों में व्यस्त रहने के बाद भी वह समय निकालकर बेटी के अभ्यास, प्रतियोगिताओं और तैयारियों पर ध्यान देती हैं।

मां के रूप में उनका निरंतर प्रोत्साहन और हौसला सनाया को आगे बढ़ने की ताकत दे रहा है। परिवार की ओर से मिल रहे इस सहयोग ने सनाया के खेल सफर को मजबूती दी है।

पिता भी रहे हैं सामाजिक सरोकारों से जुड़े – सनाया के पिता लखपत सिंह भंडारी श्रीनगर के वरिष्ठ समाजसेवी और पूर्व जिला पंचायत सदस्य हैं। सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने हमेशा अपनी बेटी की खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित किया है। परिवार के सहयोग और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन के साथ सनाया लगातार सफलता की नई ऊंचाइयां छू रही हैं।

ओलंपिक में देश के लिए खेलने का सपना – सनाया का सपना भविष्य में ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर देश के लिए पदक जीतना है। लगातार मिल रही सफलताओं के साथ सनाया इस लक्ष्य की ओर कदम बढ़ा रही हैं। उनकी उपलब्धियां श्रीनगर ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की उन तमाम बेटियों के लिए प्रेरणा बन रही हैं, जो खेलों में अपना भविष्य बनाना चाहती हैं।

सनाया की इस उपलब्धि पर परिजनों, खेलप्रेमियों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। गोल्ड पर लगातार लगते सनाया के निशाने अब उनके बड़े सपने की ओर बढ़ते कदमों की कहानी बयां कर रहे हैं।