Home उत्तराखंड गंगा की अविरलता जरूरी : स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद

गंगा की अविरलता जरूरी : स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद

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शीतकालीन चार धाम यात्रा पर पहुंचे ज्योतिर्मठ के आचार्य अवमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने चमोली के क्षेत्रपाल में अलकनंदा तट पर पूजा अर्चना की ,यात्रा में शामिल तीर्थ यात्रियों ने गंगा स्नान भी किया।

चारधाम शीतकालीन यात्रा से लौटते हुए श्रद्धालुओं ने क्षेत्रपाल के अलकनंदा तट पर मां गंगा की आराधना के साथ पूजा अर्चना की गई। ज्योतिर्मठ के प्रमुख संत स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गंगा की अविरलता जरूरी है। कहा कि हिमालय से निकलने वाली ये जल धाराएं हमारी आस्था का स्वरूप हैं। कहा कि परियोजनाओं के नाम पर गंगा की अविरलता को बाधित नहीं किया जाना चाहिए । स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि उतराखंड में शीतकालीन यात्रा को लेकर विश्व में भ्रम की स्थिति है। जबकि चारों धामों हमेशा श्रद्धालुओं के लिए पूजा अर्चना का विधान शीतकालीन पूजा स्थलों में शास्त्रों में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि जब वे शीतकालीन यात्रा को लेकर निकले थे तो कई भक्तों ने तर्क दिया कि यहां तो शीतलहर है। लेकिन जब हरिद्धार से चार दिसंबर को यात्रा शुरू होकर नौ दिसंबर को यात्रियों ने ज्योतिर्मठ व पांडुकेश्वर में पूजा अर्चना की तो शीतलहर का भ्रम भी टूट गया। उन्होंने कहा कि सच तो यह है कि मैदानी क्षेत्रों से बढ़िया मौसम यहां पर है। तथा चटक धूप खिली होने के कारण चार धाम शीतकालीन यात्रा में शामिल यात्रियों को नए अनुभव की अनुभूति हुई है। उन्होंंने देश विदेश के तीर्थ यात्रियों से अपील की कि शीतकाल में उतराखंड की चार धामों के शीतकालीन पूजा स्थलों में ठहरने खाने के साथ पूजा अर्चना को लेकर व्यवस्थाएं मौजूद हैं। शीतकालीन पूजा स्थलों में पूजा अर्चना का पुण्य भी श्रद्धालुओं को उसी प्रकार मिलता है जिस प्रकार ग्रीष्मकाल में चार धामों के मूल मंदिरों में पूजा अर्चना का पुण्य होता है। लेकिन फर्क इतना है कि यात्रा काल के दौरान भीड़ होने के चलते यात्रियों को मंदिरों में दर्शन के दौरान भगवान की अर्चना के लिए ज्यादा समय नहीं मिल पाता है। इन दिनों श्रद्धालु आराम से मंदिर में पूजा अर्चना कर सकता है।
इस अवसर पर इस अवसर पर ज्योतिर्मठ के दंडी स्वामी मुकुंदानंद ,देश के सबसे कम उम्र के दंडी स्वामी अप्रवेयाशिवकृतानंद गिरी , यमुनोत्री धाम के पुजारी रावल,अनुरुद्ध उनियाल, पूर्व प्रमुख प्रकाश रावत, अभिषेक बहुगुणा , दरबंगा के सुजीत कुमार चौधरी,कमलेश कांत कुकरेती सहित कई भक्त शामिल थे।

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