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पहाड जैसी दुश्वारियां!– जान हथेली पर रखकर ग्रामीणों नें गर्भवती को पहुंचाया अस्पताल..

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बल्लियों के सहारे बंधी है जीवन की डोर..
मुसीबत में जन, सांसत में जान..

चमोली:भारी बारिश नें पूरे पहाड़ में मुसीबतें बढ़ा दी है। इस अवधि में गर्भवती महिला और बीमार व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाना एक चुनौती साबित हो रही है। चमोली जिले के लोहजंग – वाण सडक बुराकोट में क्षतिग्रस्त होने से वाण गांव के कर्जा तोक के ग्रामीणों नें गर्भवती किरन देवी पत्नी देवेन्द्र सिंह को एक किलोमीटर पैदल कुर्सी में बैठाकर जान जोखिम में डालते हुये उफनते गदेरे के ऊपर बल्लियों को पार करके गाडी तक पहुंचाया जहां से गर्भवती को देवाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।

सामाजिक कार्यकर्ता हीरा सिंह गढवाली ने कहा की लोहजंग – वाण सडक बुराकोट में 100 मीटर बह जाने से वाण गांव के लोगो को परेशानी का सामना करना पड रहा है। बुधवार को प्रशासन द्वारा बुराकोट गदेरे में आवाजाही के लिए जो वैकल्पिक पुल बनाया था वही पुल आज गर्भवती किरन देवी के लिए वरदान साबित हुआ। ग्रामीणों नें बडी मुश्किल से किरन देवी को कुर्सी में बैठाकर झरने और गदेरे से पार कराया। उन्होने सरकार से मांग की है की अतिशीघ्र बुराकोट गदेरे में वैली ब्रिज बनाया जाय।

आशा कार्यकत्री लक्ष्मी देबी, कुवर सिंह, नरेंद्र सिंह, उदय सिंह, मोहन सिंह, खजान सिंह, सुरेश सिंह, कुमारी राधा, कुन्दन सिंह व सामाजिक कार्यकर्ता हीरा सिंह गढ़वाली आदि लोगों ने गर्भवती को बुराकोट में सुरक्षित पार कराके गाडी तक पहुंचाया।