राजस्व उपनिरीक्षक वेतन वृद्धि समेत चार मांगो ंको लेकर पिछले एक सप्ताह से पूरी तरह कार्य बहिष्कार कर हटताल पर डटे हुए हैं, राजस्व उपनिरीक्षकों की हडताल से ग्रामीण क्षेत्रों में भू दस्तावेज के साथ राजस्व क्षेत्रों मंे अपराध नियंत्रण के मामलों के निस्तारण भी प्रभावित हो रहा है चमोली जिले में सभी तहसील मुख्यालयों पर 23 दिसम्बर से राजस्व उपनिरीक्षण चार सूत्रीय मांगों को लेकर हडताल कर रहे हेै, हडताली कर्मचारियों का कहना है कि राजस्व उपनिरीक्षण बिना संसाधनों के विषम भौगोलिक परिस्थतियों में कार्य करते हैं लेकिन शासन स्तर पर उनकी मांगो ंको गंभीरता से नहीं लिया जाता है

उनकी मांग है कि राजस्व निरीक्षक तथा रजिस्टार काननगो के पदो को एकीकृत ने किये जाने सम्बन्ध में, दूसरी मांग यह है समान कार्य समान वेतन दिया जाय, 16वें बैच के राजस्व उपनिरीक्षक क्षेत्रों के पुर्नगठन तथा राजस्व उपनिरीक्षक सेवा नियमावली प्रख्यापन के सम्बन्ध में चौथी मांग है कि सम्वर्गीय कर्मिकों को उच्चीकृत वेतनमान का लाभ 1 जनवरी 2006 से दिया जाय, उन्होेंने कहा कि यदि इस कलम बंन्द हडताल के बाद भी सरकार उनकी मांग पूरी नहीं करती है तो वे इससे भी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस मौके पर – हरीश भण्डारी महावीर सिंह नेगी, नीतू खाली, आशीष बिष्ट, अनुज बण्डवाल, नीरज स्वरूप, मनीष, विनोद कुमार, आदि मौजूद रहे।








