चमोली: कांग्रेस ने भाजपा पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया
चमोली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा पर संसद में बिल गिरने के मुद्दे को लेकर अनावश्यक आंदोलन कर जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण बिल पहले ही संसद द्वारा पारित किया जा चुका है, ऐसे में इस विषय को लेकर भाजपा द्वारा किया जा रहा विरोध और आंदोलन केवल राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास है।
बद्रीनाथ विधायक लखपत बुटोला ने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण लागू करने के लिए परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया आवश्यक है, जो क्षेत्रफल के आधार पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि परिसीमन सही ढंग से नहीं किया गया तो उत्तराखंड जैसे छोटे और पर्वतीय राज्य को प्रतिनिधित्व के मामले में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा जनता को गुमराह कर मुद्दों से ध्यान भटकाने का काम कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि महिला आरक्षण बिल को लागू करने की प्रक्रिया पहले से तय है और इसे सही समय पर लागू किया जाएगा।
जिला अध्य्क्ष महिला कांग्रेस उषा रावता ने केंद्र सरकार अगर सच मे महिलाओ कि हितेषी है तो 2027 मे 70 सीटों पर महिलाओ को 33%आरक्षण देने का काम सरकार करे

इस दौरान जिला अध्यक्ष सुरेश डिमरी, अरविन्द नेगी, मन्नू नेगी, अनिल कठेट सूर्या पुरोहित मीरा तेजवीर कंडेरी, महिला जिला अध्यक्ष उषा रावत, संदीप झींकवान, आनंद पंवार और मुकुल बिष्ट, गोविन्द सजवान गोपाल रावत सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस ने सरकार से अपील की कि वह पारदर्शिता के साथ परिसीमन प्रक्रिया को आगे बढ़ाए, ताकि सभी राज्यों को न्यायसंगत प्रतिनिधित्व मिल सके।








