चमोली। नगरपालिका गोपेश्वर क्षेत्र से प्राधिकारण हटाने तथा गोपीनाथ मंदिर परिसर के आसपास पुरातत्व विभाग के नियमों में शिथिलता की मांग को लेकर नगरवासियों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लेते हुए इसे नगर के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
बैठक में व्यापार संघ अध्यक्ष विनोद जोशी, नवल भट्ट, उषा रावत, शांति प्रसाद भट्ट, कमल किशोर डिमरी, बसंती देवी, मनीष नेगी और सतेन्द्र रावत सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि गोपेश्वर नगरवासियों के हितों की रक्षा के लिए नगर क्षेत्र से प्राधिकारण हटाया जाना आवश्यक है। साथ ही, गोपीनाथ मंदिर के आसपास लागू पुरातत्व विभाग के जटिल नियमों में भी व्यावहारिक शिथिलता दी जानी चाहिए, ताकि लोगों को अपनी पुश्तैनी भूमि पर निर्माण और अन्य आवश्यक कार्यों में अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
वक्ताओं ने कहा कि 15 जुलाई को प्रस्तावित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री नगरवासियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे। उनका कहना था कि यदि सरकार इस समस्या का समाधान करती है तो पूरा नगर मुख्यमंत्री का स्वागत करेगा, लेकिन मांगों की अनदेखी होने पर नगरवासी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध भी दर्ज कराएंगे।
बैठक को संबोधित करते हुए कमल किशोर डिमरी ने कहा कि यदि प्राधिकारण और वर्तमान नियमों की स्थिति बनी रही तो नगरवासियों का अपनी पुश्तैनी भूमि पर निर्माण करने का अधिकार प्रभावित होगा। इसका खामियाजा हर परिवार को भुगतना पड़ेगा। उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए सभी नगरवासियों से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
बैठक में उषा फरसवान, मुकुल बिष्ट, ललित बिष्ट, हरि प्रसाद मामगाई, योगेंद्र सिंह, मन्नू नेगी, अनीता देवी, लीला रावत, हरेंद्र सिंह बिष्ट, विजय दीप, राकेश बिष्ट, प्रकाश सिंह सहित अनेक नगरवासी उपस्थित रहे।
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