गोपेश्वर। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर, गोपेश्वर के बीएड विभाग में बीएड द्वितीय वर्ष (सत्र 2024-26) के पाठ्यक्रम ‘ईपीसी-4 : अंडरस्टैंडिंग द सेल्फ’ के तहत दो दिवसीय योग कार्यशाला का आयोजन किया गया। 2 और 3 सितंबर को महाविद्यालय के जिम हॉल में आयोजित कार्यशाला में विद्यार्थियों ने विभिन्न योगासनों, सूर्य नमस्कार और प्राणायाम का अभ्यास किया।
कार्यशाला का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य योग प्रशिक्षिका श्रीमती संगीता नेगी ने प्रशिक्षणार्थियों को ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, शलभासन, पश्चिमोत्तानासन, वज्रासन, त्रिकोणासन, धनुरासन, सर्वांगासन और शवासन सहित विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया। साथ ही अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भस्त्रिका, भ्रामरी, उज्जायी और शीतली प्राणायाम की विधियां भी समझाईं।
प्रशिक्षिका ने योग के शारीरिक एवं मानसिक लाभों के साथ ही आसनों को करते समय बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नियमित योग से तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और मानसिक शांति प्राप्त करने में मदद मिलती है।
बीएड विभागाध्यक्ष प्रो. अमित कुमार जायसवाल ने कहा कि भावी शिक्षकों के सर्वांगीण विकास और आत्मबोध के लिए योग महत्वपूर्ण है। उन्होंने योग को आत्मशोधन, आत्ममंथन, आत्मचिंतन और आत्मावलोकन की प्रक्रिया बताया।
कार्यशाला में संयोजक डॉ. सबज कुमार सैनी, सहसंयोजक डॉ. एसएल बटियाटा, संचालक डॉ. इंद्र मोहन पंत तथा सदस्य डॉ. पी. सागर, डॉ. कुलदीप नेगी और डॉ. चंद्रेश जोगेला मौजूद रहे। कार्यशाला में बीएड द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों और विभागीय प्राध्यापकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
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