Home उत्तराखंड ग्वालदम-तपोवन सड़क BRO को सौंपने की मांग, नवंबर से आंदोलन की चेतावनी

ग्वालदम-तपोवन सड़क BRO को सौंपने की मांग, नवंबर से आंदोलन की चेतावनी

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थराली (चमोली)। ग्वालदम-नंदकेसरी-देवाल-वाण-तपोवन मोटर मार्ग को सीमा सड़क संगठन (BRO) को हस्तांतरित करने की मांग तेज हो गई है। क्षेत्रीय लोगों ने उपजिलाधिकारी थराली के माध्यम से शासन-प्रशासन से सड़क हस्तांतरण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो नवंबर 2026 से पदयात्रा, धरना-प्रदर्शन और व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह मोटर मार्ग सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के साथ ही सीमांत क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक विकास तथा पर्यटन के लिए भी अहम है। सड़क के निर्माण और सुदृढ़ीकरण से भारतीय सेना को सीमांत क्षेत्रों तक आवागमन में सुविधा मिलेगी। वहीं, स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
ज्ञापन के अनुसार, सितंबर 2024 में रक्षा सचिव, भारत सरकार की ओर से इस मार्ग को सामरिक महत्व के दृष्टिगत BRO को हस्तांतरित करने के लिए उत्तराखंड सरकार से आग्रह किया गया था। सड़क निर्माण के लिए 936 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। क्षेत्रवासियों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग की ओर से हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी किए जाने के बावजूद अब तक सड़क BRO को नहीं सौंपी गई है।
लोगों ने बताया कि 7 दिसंबर 2025 को सवाड़ में आयोजित शहीद सैनिक मेले के दौरान मुख्यमंत्री ने मां नंदा देवी यात्रा 2026 के बाद इस मोटर मार्ग को BRO को हस्तांतरित करने की घोषणा की थी। इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से क्षेत्र में असंतोष बढ़ रहा है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार, इस सड़क के विकसित होने से देवाल, नंदानगर, थराली, नारायणबगड़ और जोशीमठ क्षेत्र के बीच आवागमन सुगम होगा। इससे यात्रा का समय कम होने के साथ ही बदरीनाथ धाम यात्रा और हिमालयी साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सड़क निर्माण और रखरखाव से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि सड़क हस्तांतरण से संबंधित शेष औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य शुरू किया जाए। मांग पूरी नहीं होने पर नवंबर से आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान महावीर सिंह बिष्ट, किशोर गुनियाल, दीपक, मनोज पाल, दर्शन सिंह, गंगा सिंह और गौरव सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।