(उत्तराखंड):
उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र इस बार गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में आयोजित किए जाने को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। प्राप्त विवरण के अनुसार, 27 अक्टूबर से गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित किया जाना प्रस्तावित है, जिसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने अपनी मूलभूत व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार ने बताया कि सत्र के आयोजन को लेकर सभी जरूरी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है।
मुख्य बिंदु एवं पृष्ठभूमि
प्रशासनिक तैयारियां: जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार ने स्पष्ट किया है कि गैरसैंण में आयोजित होने वाले सत्र को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी मूलभूत व प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
सत्रों का इतिहास (2014 से शुरुआत): वर्ष 2014 में गैरसैंण में तंबूओं के नीचे विधानसभा सत्र की शुरुआत हुई थी, जो सिलसिला आज तक जारी है। तत्कालीन हरीश रावत सरकार के समय से ही गैरसैंण में सत्र आयोजित करने की परंपरा शुरू हुई थी।
हालिया वर्षों के सत्र: वर्ष 2024 और 2025 में भराड़ीसैंण में बजट सत्र आयोजित न हो पाने के कारण सरकार को मानसून सत्र अगस्त माह में मौसम की विपरीत परिस्थितियों के बीच भी गैरसैंण में आयोजित करने पड़े थे। वहीं, मौजूदा वर्ष 2026 के फरवरी माह में भराड़ीसैंण में बजट सत्र सफलतापूर्वक संचालित हो चुका है।
धामी सरकार की प्रतिबद्धता: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार लगातार गैरसैंण (भराड़ीसैंण) के विकास और आयोजनों को बढ़ावा दे रही है। सीएम धामी ने 2021 में कार्यभार संभालने के बाद से ही विधानसभा सत्रों के साथ-साथ स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और राज्य स्थापना दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर भराड़ीसैंण परिसर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
ग्रीष्मकालीन राजधानी: उत्तराखंड की जनता लंबे समय से गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग कर रही है। इसी के मद्देनजर तत्कालीन त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने 4 मार्च 2020 को गैरसैंण को राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करते हुए इसका अध्यादेश जारी किया था।
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