चमोली। जनपद चमोली के विकासखंड नारायणबगड़ के नालगांव में पिछले 65 वर्षों से संचालित उप डाकघर को कुलसरी स्थानांतरित किए जाने के निर्णय का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह उप डाकघर करीब 22 ग्राम सभाओं के लिए डाक एवं बैंकिंग सेवाओं का प्रमुख केंद्र रहा है, जिससे हजारों लोग वर्षों से लाभान्वित होते आए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, बिना किसी पूर्व सूचना और स्पष्ट कारण बताए उप डाकघर को नालगांव से लगभग 7 किलोमीटर दूर कुलसरी में संचालित किया जा रहा है। इस निर्णय से क्षेत्र के लोगों को डाक, बचत खाते, सरकारी योजनाओं और अन्य सेवाओं के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
इस संबंध में नालगांव सहित क्षेत्र की लगभग दो दर्जन ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों ने डाक विभाग के उच्च अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर उप डाकघर को यथावत नालगांव में संचालित रखने की मांग की है। साथ ही स्थानांतरण का कारण भी पूछा गया है।
स्थानीय निवासी कुंदन सिंह भंडारी ने कहा कि सरकार एक ओर डिजिटल इंडिया और पलायन रोकने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर गांवों में वर्षों से संचालित मूलभूत सुविधाओं को हटाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उप डाकघर को नालगांव से हटाया गया तो क्षेत्र की 22 ग्राम पंचायतों के पांच हजार से अधिक ग्रामीण आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
वहीं, ग्राम प्रधान विजय रुद्रयाल ने बताया कि नालगांव उप डाकघर के अंतर्गत छह शाखा डाकघर भी संचालित हैं और वर्षों से लोग यहीं से डाक एवं बचत संबंधी सेवाओं का लाभ लेते रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस कारण के उप डाकघर को स्थानांतरित करना ग्रामीण हितों के खिलाफ है।
ग्रामीणों ने इस मामले से गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी तथा डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत कराया है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही उप डाकघर को पुनः नालगांव में संचालित करने का निर्णय नहीं लिया गया, तो क्षेत्रवासी व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे।
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