चमोली। जिला मुख्यालय गोपेश्वर में 15 वर्षों बाद एक बार फिर महाभारत के प्रसंग चक्रव्यूह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा के रुद्रप्रयाग जिला प्रभारी रघुवीर बिष्ट ने किया।
चक्रव्यूह मंचन के दौरान स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस आयोजन के माध्यम से क्षेत्र के कलाकारों को बड़े मंच पर अपनी कला और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। महाभारत के इस मार्मिक प्रसंग में अभिमन्यु के अदम्य साहस और वीर कौशल का मंचन देखकर दर्शक भावविभोर हो उठे।
आयोजकों का कहना है कि देवभूमि उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में द्वापर युग से जुड़ी अनेक मान्यताएं और परंपराएं प्रचलित हैं। आज भी क्षेत्र के गांव-गांव में पांडव नृत्य का आयोजन किया जाता है, जो यहां की समृद्ध लोकसंस्कृति और धार्मिक आस्था का प्रतीक है।
आयोजकों के अनुसार, महाभारत के सबसे मार्मिक प्रसंगों में शामिल चक्रव्यूह का मंचन नई पीढ़ी को अपनी15 साल बाद गोपेश्वर में हुआ चक्रव्यूह का भव्य मंचन, अभिमन्यु के वीर कौशल ने दर्शकों को किया भावविभोर
चमोली। जिला मुख्यालय गोपेश्वर में 15 वर्षों बाद एक बार फिर महाभारत के प्रसंग चक्रव्यूह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा के रुद्रप्रयाग जिला प्रभारी रघुवीर बिष्ट ने किया।
चक्रव्यूह मंचन के दौरान स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस आयोजन के माध्यम से क्षेत्र के कलाकारों को बड़े मंच पर अपनी कला और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। महाभारत के इस मार्मिक प्रसंग में अभिमन्यु के अदम्य साहस और वीर कौशल का मंचन देखकर दर्शक भावविभोर हो उठे।
आयोजकों का कहना है कि देवभूमि उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में द्वापर युग से जुड़ी अनेक मान्यताएं और परंपराएं प्रचलित हैं। आज भी क्षेत्र के गांव-गांव में पांडव नृत्य का आयोजन किया जाता है, जो यहां की समृद्ध लोकसंस्कृति और धार्मिक आस्था का प्रतीक है।
आयोजकों के अनुसार, महाभारत के सबसे मार्मिक प्रसंगों में शामिल चक्रव्यूह का मंचन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का एक प्रयास है। 15 वर्षों बाद हुए इस आयोजन ने जहां लोगों को महाभारत के प्रसंगों से रूबरू कराया, वहीं स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी प्रदान किया।
बाइट: विजय बिष्ट, आयोजक सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का एक प्रयास है। 15 वर्षों बाद हुए इस आयोजन ने जहां लोगों को महाभारत के प्रसंगों से रूबरू कराया, वहीं स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी प्रदान किया। इस दौरान भाजपा के रुद्रप्रयाग प्रभारी रघुवीर बिष्ट महिला आयोग की उपाध्यक्ष चंद्रकला तिवारी कांग्रेस महिला जिला अध्यक्ष उषा रावत भिक्षक संघ के अध्यक्ष सत्येंद्र अस्वल भाजपा जिला महामंत्री विनोद कनवासी शांति प्रसाद भट्ट युद्धनंदन भट्ट वेद प्रकाश नंदन बिष्ट बिष्ट व्यापार संघ अध्यक्ष विनोद जोशी मोहन नेगी सरिता तौपाल आदि मौजूद रहे
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