जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट में जनपद के अंतर्गत मातृ मृत्यु से संबंधित समीक्षा बैठक संपन्न हुई। जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं स्वास्थ्य विभाग योजना की गहन समीक्षा की तथा लक्ष्य के अनुरूप प्रगति बढाने के निर्देश संबंधित चिकित्सकों को दिए ।
बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी अभिषेक गुप्ता को जिले में रेफरल मामलों, हाई-रिस्क प्रेगनेंसी, और स्वास्थ्य सेवाओं (108 एम्बुलेंस) की गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा हाई-रिस्क गर्भावस्था के मामलों की नियमित जांच और समय पर इलाज सुनिश्चित करें । संसाधनों की उपलब्धता, बेहतर प्रसव देखभाल जरूरतों को जवाबदेही के साथ गम्भीरतापूर्वक लिया जाए साथ ही मातृ-शिशु स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य और बाल विकास विभाग के बीच समन्वय सुनिश्चित करें वहीं समुदायिक जागरूकता मौत के कारणों का पता लगाकर, गांव स्तर पर जागरूकता बढ़ाने का भी कार्य करें। उन्होनें सीएमओ को सभी चिकित्सालयों में मैनपावर बढाने को भी निर्देशित किया। कहा जहां भी चिकित्सा उपकरणों की आवशयकता है उसका प्रस्ताव बनाकर उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं का पंजीयन कर प्रसव से पूर्व होने वाली चार एएनसी जांच की जाए। पोर्टल पर शतप्रतिशत एंट्री कर हाई रिस्क पंजीयन एवं प्रबंधन करे। शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं की संस्थागत डिलीवरी सुनिश्चित करें। एएनएम के कार्यो का समय-समय पर औचक निगरानी करें।
जिलाधिकारी ने सीएमओ को निर्देशित किया कि सभी शासकीय अस्पतालों में साफ सफाई व्यवस्था अच्छी रहे। सभी अस्पताल में चिकित्सक निर्धारित समय अनुसार उपस्थित होकरअपनी सेवाएं नागरिकों को दें। जिन अस्पतालों में चिकित्सक की कमी है वहां अन्य अस्पतालों से चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई जाए।
बैठक में प्रभारी अधिकारी डॉ पवन पाल गोपेश्वर, डॉक्टर हरीश थपलियाल , डॉ अरुण त्रिपाठी के अलावा अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।








