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BKTC के अस्थायी कर्मचारियों का अनशन 7वें दिन भी जारी, कल से बढ़ेगी अनशन की समय सीमा 2 घंटे की जगह 5 घंटे चलेगा अनशन । 26 अक्टूबर से समिति के सभी विश्राम गृहों व विधालयों पर तालाबंदी का ऐलान ।

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बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अस्थायी कर्मचारियों का अपनी मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन अब और तेज होता जा रहा है। ‘वन टाइम सेटलमेंट’ और ‘समान कार्य समान वेतन’ की मांग को लेकर 13 अक्टूबर से धरने पर बैठे कर्मचारियों के क्रमिक अनशन का आज 7वां दिन है। कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द उनकी सुध नहीं ली, तो आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा। 20 अक्टूबर से अनशन की समय सीमा बढ़ाई जा रही है और 26 अक्टूबर से मंदिर समिति के सभी विश्राम गृहों तथा विद्यालयों में पूर्ण तालाबंदी का ऐलान कर दिया गया है। उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध धाम यात्रा के बीच अपनी मांगों को लेकर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अस्थायी कर्मचारियों का आक्रोश अब चरम पर है। कर्मचारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री घोषणा संख्या 426/2024 के त्वरित क्रियान्वयन, ‘वन टाइम सेटलमेंट’ और ‘समान काम का समान वेतन’ की मांगों को लेकर कर्मचारी लगातार 7 दिनों से अनशन पर बैठे हैं।
कर्मचारियों ने पहले 19 अक्टूबर से पूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी थी। लेकिन दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक अनुष्ठानों में कोई बाधा न आए, इसका सम्मान करते हुए संयुक्त कर्मचारी संघ ने अपनी रणनीति में थोड़ा बदलाव किया है। संघ के नए फैसले के मुताबिक, मंगलवार 20 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक प्रतिदिन सुबह 9:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक सांकेतिक कार्य बहिष्कार और अनशन पर रहेंगे। अब तक दो घंटे चलने वाला यह अनशन रोजाना 5 घंटे का होगा।कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से मंदिर समिति को अपनी निष्ठापूर्वक सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन समायोजन और वेतन विसंगति दूर करने के नाम पर केवल आश्वासन ही मिला है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सनातन धर्म और राजधर्म की मर्यादा याद दिलाते हुए कहा कि वे सभी पीड़ित और आश्रित कर्मचारी हैं, उनकी रक्षा और न्याय करना ही सच्चा राजधर्म है। कर्मचारियों का आरोप है कि वर्तमान में इस राजधर्म का पालन नहीं हो रहा, जिससे उन्हें मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ा है।

डॉ. अमित बन्दोलिया व राकेश झिकवाण
का कहना है कि हम लंबे समय से मंदिर समिति की सेवा कर रहे हैं। अगर सरकार हमारी जायज मांगों को अनसुना कर रही है जिसके चलते कल मंगलवार से अनशन की समय सीमा 2 घंटे से 5 घंटे बड़ा दी गई है अगर इसके बाद भी कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है तो 26 अक्टूबर से मंदिर समिति के अंतर्गत आने वाले सभी विश्राम गृहों (गेस्ट हाउसों) और विद्यालयों में पूर्ण ताला बंद कर दिया जाएगा और एक विशाल आंदोलन छेड़ा जाएगा।

आज अनशन को समर्थन देने भुवन चन्द्र उनियाल पूर्व धर्माधिकारी बद्रीनाथ, भास्कर डिमरी पूर्व सदस्य बीकेटीसी  ,बृजेश पंचभैया मुखिया महाप्रभु बैठक, अजय बिजल्वाण तीर्थपुरोहित बदरीनाथ ,बर्फानी बाबा अमृतानंद महाराज,राकेश झिंकवाण, दीपक जुगरान, रत्नेश पंवार, अमित डिमरी, अनूप उनियाल, योगिता चौहान, अपर्णा देवी, लक्ष्मी, जयश्री पंवार, महावीर चौहान, अमरीश मेहता, प्रदीप बिष्ट समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।