चमोली। नंदानगर क्षेत्र के सुदूरवर्ती ग्राम प्राणमति (कनोल) में पेयजल लाइन की मरम्मत करने गए 35 वर्षीय ग्रामीण की भूस्खलन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में शोक की लहर है। वहीं, सड़क सुविधा से वंचित गांव के ग्रामीणों ने बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर सवाल उठाए हैं।
जानकारी के अनुसार, 9 अक्टूबर को ग्राम प्राणमति निवासी खीम सिंह पुत्र हयात सिंह गांव से करीब 10 किलोमीटर दूर उड़ियारी तोक में क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत करने गए थे। बारिश के कारण पेयजल लाइन टूटने से गांव में पानी का संकट पैदा हो गया था। ग्रामीणों की समस्या दूर करने के लिए खीम सिंह लाइन ठीक कर रहे थे। इसी दौरान अचानक भूस्खलन हो गया। पहाड़ से गिरे पत्थर की चपेट में आने से उनका संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरे। हादसे में उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव तक सड़क नहीं होने के कारण उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों के साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। दुर्गम रास्तों और खराब मौसम के बीच सड़क सुविधा का अभाव ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
खीम सिंह की मौत ने एक बार फिर दूरस्थ गांवों में सड़क सहित बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत को उजागर किया है। ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि प्रशासन और संबंधित विभाग उनकी समस्याओं का संज्ञान लेकर सड़क निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों में लोगों को जोखिम न उठाना पडे।
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