देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में उत्तराखण्ड रोपवे डेवलपमेंट लिमिटेड की निदेशक मंडल की द्वितीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में केदारनाथ एवं हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए विभिन्न प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
मुख्य सचिव ने दोनों महत्वाकांक्षी रोपवे परियोजनाओं के तहत वन भूमि स्वीकृति (फॉरेस्ट लैंड क्लीयरेंस) की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक सर्वेक्षण निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं तथा यूटिलिटी शिफ्टिंग, बिजली और पेयजल आपूर्ति से जुड़े कार्यों को भी शीघ्र पूरा किया जाए।
बैठक में रोपवे परियोजनाओं के साथ पार्किंग, लास्ट माइल कनेक्टिविटी तथा रोपवे स्टेशनों के आसपास व्यावसायिक गतिविधियों के विकास पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने हितधारकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग लॉजिस्टिक्स प्रबंधन लिमिटेड (NHLML) के अधिकारियों ने बताया कि केदारनाथ रोपवे परियोजना के लिए लिडार सर्वे और वीडियोग्राफी का कार्य पूरा हो चुका है। कंसेशनेयर द्वारा जियो-टेक्निकल जांच शुरू कर दी गई है, जबकि गौरीकुंड और सोनप्रयाग स्टेशन क्षेत्रों में जियो-टेक्निकल सर्वे, टोपोग्राफी सर्वे और प्रारंभिक अलाइनमेंट का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। परियोजना का अंतिम अलाइनमेंट जून 2026 तक तय होने की संभावना है।
अधिकारियों ने बताया कि देहरादून से सोनप्रयाग तक वास्तविक आकार के कंटेनरों के साथ लॉजिस्टिक्स ड्राई रन भी सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।
वहीं, हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना के लिए भूमि सर्वेक्षण का कार्य जारी है। खराब मौसम के कारण ड्रोन सर्वेक्षण प्रभावित हुआ, लेकिन अंतिम चरण के लिए डीजीपीएस और लिडार सर्वे को पुनः शुरू कर दिया गया है।
बैठक में सचिव श्री दिलीप जावलकर, श्री धीराज गर्ब्याल सहित NHLML के अधिकारी उपस्थित रहे।
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