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हरेला पर्व पर पपड़ियाणा में कृषि, बागवानी और जड़ी-बूटी उत्पादन पर जनजागरूकता गोष्ठी, बंजर भूमि के सदुपयोग पर जोर

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गोपेश्वर, 16 जुलाई। हरेला पर्व के अवसर पर भेषज संघ चमोली की ओर से गोपेश्वर मुख्यालय के समीप पपड़ियाणा गांव में कृषि, बागवानी, औषधीय पौधों एवं पर्यावरण संरक्षण को समर्पित जनजागरूकता गोष्ठी और वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बंजर होती कृषि भूमि का सदुपयोग, किसानों की आय में वृद्धि तथा औषधीय एवं फलदार पौधों के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ हरेला पर्व की परंपरा के अनुरूप वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ किया गया। वक्ताओं ने ग्रामीणों से वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने, फलदार एवं औषधीय पौधों का रोपण करने तथा बागवानी को आजीविका का सशक्त माध्यम बनाने का आह्वान किया।

गोष्ठी में ग्रामीणों ने जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक के कारण खेती के बंजर होने की समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि यदि खेतों की सुरक्षा, तकनीकी मार्गदर्शन और विभागीय सहयोग मिले तो किसान औषधीय पौधों, जड़ी-बूटियों एवं फलदार वृक्षों की खेती कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं।

स्थानीय कृषक प्रीति नेगी ने कहा कि तकनीकी मार्गदर्शन, आधुनिक कृषि उपकरणों और जंगली जानवरों से सुरक्षा के अभाव में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिससे अनेक लोग खेती छोड़ने को विवश हैं। उन्होंने सरकार से किसानों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष संदीप सिंह रावत ने कहा कि नगर पालिका क्षेत्र की कृषि भूमि के संरक्षण एवं विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने किसानों से सरकार की कृषि, बागवानी एवं उद्यानिकी योजनाओं का लाभ उठाकर आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती अपनाने की अपील की।

भाजपा जिला अध्यक्ष गजपाल सिंह बर्त्वाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही हैं। किसानों को इन योजनाओं से जुड़कर आधुनिक खेती अपनानी चाहिए।

भेषज संघ चमोली के अध्यक्ष सतेंद्र सिंह असवाल ने बताया कि संस्था औषधीय पौधों, जड़ी-बूटियों और फलदार वृक्षों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को पौधे, बीज, कृषि यंत्र और तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराकर औषधीय खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।

भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट ने कहा कि वर्तमान समय में कृषि क्षेत्र कई चुनौतियों से जूझ रहा है। खेती को लाभकारी बनाने के लिए सामूहिक प्रयास, आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाना आवश्यक है।

कार्यक्रम में सभासद दीपक बिष्ट, महेंद्र राणा, आशा नेगी सहित स्थानीय महिलाओं, किसानों, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। समापन पर दक्षिण काली मंदिर तोक में औषधीय एवं फलदार पौधों का सामूहिक वृक्षारोपण किया गया। उपस्थित लोगों ने पौधों के संरक्षण का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण और बंजर भूमि के सदुपयोग का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।