Home उत्तराखंड तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए 13 वीरांगनाओं का चयन : रेखा आर्या

तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए 13 वीरांगनाओं का चयन : रेखा आर्या

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*आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार के लिए 35 कार्यकर्तियां भी सम्मानित होंगी*

*8 अगस्त को देहरादून में होगा राज्य स्तरीय सम्मान समारोह*

उत्तराखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रतिष्ठित तीलू रौतेली राज्य स्त्री शक्ति पुरस्कार तथा राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार के लिए चयनित नामों की घोषणा कर दी है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी सूची के अनुसार तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए प्रदेश के सभी 13 जनपदों से एक-एक महिला का चयन किया गया है, जबकि राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार के लिए विभिन्न जनपदों की 35 उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों को सम्मान के लिए चुना गया है।

दोनों पुरस्कार 8 अगस्त को देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में प्रदान किए जाएंगे।

महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि तीलू रौतेली राज्य स्त्री शक्ति पुरस्कार उत्तराखंड की उन महिलाओं को समर्पित है जिन्होंने संघर्ष, साहस और समर्पण से समाज में नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष चयनित महिलाओं ने संस्कृति, खेल, वैज्ञानिक शोध, पर्यावरण संरक्षण, कृषि, स्वरोजगार, समाजसेवा, महिला सशक्तीकरण और दिव्यांगजन कल्याण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

रेखा आर्या ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसी महिलाओं की उपलब्धियों को समाज के सामने लाना है ताकि उनकी प्रेरक यात्रा नई पीढ़ी और अन्य महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की वीरांगना तीलू रौतेली के नाम पर दिया जाने वाला यह सम्मान महिलाओं के साहस, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका है।

मंत्री ने बताया कि इसी अवसर पर राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्तियां मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण, प्रारंभिक शिक्षा और महिला जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सरकार की सबसे मजबूत कड़ी हैं। उनके समर्पण और उत्कृष्ट सेवाओं का सम्मान करना सरकार का दायित्व है।

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इन्फो बॉक्स

*प्रदेश की 35 उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकर्तियां होंगी सम्मानित*

अल्मोड़ा : सुनीता टम्टा, हेमा मेर, बबीता अधिकारी, सीमा देवी

बागेश्वर : आनंदी देवी

चमोली : शकुन्तला बिष्ट, गीता चन्द्रा, रत्ना बिष्ट

चम्पावत : तुलसी देवी

देहरादून : रश्मि पंत, पूनम साही, लक्ष्मी पंत

हरिद्वार : अनिता, स्नेहलता, उमा रानी, फरहाना परवीन

नैनीताल : लीला रुवाली, हंसा देवी, निर्मला टम्टा

पौड़ी गढ़वाल : संगीता देवी, माधुरी देवी, दर्शनी देवी, रेनू देवी, तुलसी

पिथौरागढ़: सुनीता बसैड़ा, गंगा कार्की

रुद्रप्रयाग: सरस्वती देवी

टिहरी गढ़वाल: सुषमा देवी, रोशनी देवी, गुलाब देवी

ऊधम सिंह नगर : गुरप्रीत कौर, रक्षा, शकुन्तला पाल

उत्तरकाशी : रेखा, रेखा जोशी

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*तीलू रौतेली पुरस्कार प्राप्त करने वाली महिलाओं का प्रोफाइल बॉक्स*

1. पुष्पा फर्त्याल (अल्मोड़ा)

क्षेत्र : संस्कृति एवं कला

कुमाऊंनी लोक संस्कृति को राष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया।

विषम परिस्थितियों में भी लोक कला संरक्षण का कार्य जारी।

संस्कृति मंत्रालय सहित अनेक सम्मानों से सम्मानित।

2. दया दानू (बागेश्वर)

क्षेत्र : कृषि एवं स्वरोजगार

कुटकी की खेती से नई पहचान बनाई।

400 से अधिक महिलाओं को रोजगार देकर पलायन रोकने में योगदान।

3. नन्दा सती (चमोली)

क्षेत्र : संगीत एवं शिक्षा

राष्ट्रपति स्वर्ण पदक से सम्मानित।

सीमांत क्षेत्रों की बालिकाओं को नि:शुल्क संगीत प्रशिक्षण।

4. रितीका बगौली (चम्पावत)

क्षेत्र : पर्यावरण एवं वैज्ञानिक शोध

उत्तराखंड का पहला ‘अल्गल ट्री’ विकसित किया।

पर्यावरण संरक्षण पर उल्लेखनीय शोध कार्य।

5. नीतू रानी (देहरादून)

क्षेत्र : दिव्यांगजन सशक्तीकरण

दिव्यांगजनों, महिलाओं और निर्धन बच्चों के लिए 18 वर्षों से सेवा।

अनेक राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय सम्मान प्राप्त।

6. वैशाली शर्मा (हरिद्वार)

क्षेत्र : समाजसेवा एवं बाल अधिकार

जिला स्वीप आइकॉन के रूप में मतदान जागरूकता अभियान का नेतृत्व।

बाल संरक्षण और सामाजिक सेवा में उल्लेखनीय योगदान।

7. लतिका (नैनीताल)

क्षेत्र : ताइक्वांडो

विश्व रैंकिंग के शीर्ष-20 में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक पदक हासिल किए।

8. प्रियंका नेगी ध्यानी (पौड़ी गढ़वाल)

क्षेत्र : महिला स्वरोजगार

स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सैकड़ों महिलाओं को रोजगार।

सिलाई-कढ़ाई और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका।

9. कलावती देवी (पिथौरागढ़)

क्षेत्र : डेयरी एवं जैविक कृषि

ग्रामीण महिलाओं को जैविक खेती और डेयरी से आत्मनिर्भर बनाया।

वर्मी कम्पोस्ट और जैविक उत्पादों को बढ़ावा दिया।

10. दुर्गा देवी (रुद्रप्रयाग)

क्षेत्र : महिला स्वावलंबन

120 स्वयं सहायता समूहों का गठन।

महिला जागरूकता और सामाजिक अभियानों में सक्रिय भूमिका।

11. सरिता कोठियाल (टिहरी गढ़वाल)

क्षेत्र : समाजसेवा

असहाय, वृद्ध और दिव्यांग महिलाओं के कल्याण में उल्लेखनीय योगदान।

स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए।

12. पुष्पा देवी (ऊधम सिंह नगर)

क्षेत्र : पैरा एथलेटिक्स

दक्षिण एशियाई पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक।

राष्ट्रीय स्तर पर अनेक पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया।

13. स्वाती बधानी (उत्तरकाशी)

क्षेत्र : कृषि एवं समाजसेवा

कृषि, उद्यान, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तीकरण में उल्लेखनीय कार्य।

अनेक राज्य स्तरीय सम्मानों से सम्मानित।