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श्री गोपीनाथ संगीतशाला समिति की पहली गढ़वाली संगीतमय रचना ‘तेरी मेरी प्रीत’ का लोकार्पण

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गोपेश्वर। उत्तराखंड की लोक संस्कृति और संगीत परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए श्री गोपीनाथ संगीतशाला समिति, गोपेश्वर (चमोली) ने अपनी पहली संगीतमय प्रस्तुति गढ़वाली प्रेम गीत ‘तेरी मेरी प्रीत’ का लोकार्पण किया।
प्रेम भावनाओं से ओत-प्रोत इस गीत में पहाड़ के रिश्तों की मधुरता, अपनापन और लोक संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिलती है। गीत के माध्यम से उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और लोक भावनाओं को सरल, मधुर और भावपूर्ण अंदाज में श्रोताओं तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
गीत को लोकगायक डॉ. राजदीप लखेड़ा और गायिका पायल रावत ने अपनी सुरीली आवाज दी है। इसके बोल और कंपोजिशन शिवांगी बगवाड़ी लखेड़ा एवं डॉ. राजदीप लखेड़ा ने तैयार किए हैं। संगीत संयोजन हरी ओम शरण, रिदम मोंटी मंद्रवाल तथा मिक्सिंग एवं मास्टरिंग अतुल कोहली (AK) ने की है।
लोकार्पण समारोह में प्रसिद्ध लोकगायिका डॉ. पम्मी नवल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा पासवान, सहायक प्राध्यापक डॉ. चंद्रप्रभा भारती सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने गीत की सराहना करते हुए इसे उत्तराखंड की लोक संस्कृति को नई पहचान दिलाने वाला सराहनीय प्रयास बताया।
इस अवसर पर लोकगायक डॉ. राजदीप लखेड़ा ने कहा कि समिति की पहली प्रस्तुति के माध्यम से पहाड़ की प्रेम भावना और समृद्ध लोक संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि श्री गोपीनाथ संगीतशाला समिति भविष्य में भी लोक संगीत और लोक कला के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।