चमोली जनपद में टीडीसी कंपनी की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद तीसरे दिन भी रेस्क्यू और बचाव कार्य जारी रहा। टनल के अंदर अभी भी तीन मजदूरों के फंसे होने की जानकारी है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई हैं। हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हुई है, जबकि 12 घायल मजदूरों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
हादसे के बाद मृतकों और घायलों के परिवारों के भरण-पोषण और आर्थिक मदद के लिए मुआवजे की मांग भी उठने लगी है। उत्तराखंड सरकार की ओर से आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मृतकों के परिजनों को चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है।
पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि सरकार, स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासन लगातार रेस्क्यू अभियान में जुटे हुए हैं, लेकिन जिस कंपनी के अधीन मजदूर कार्य कर रहे थे, उसकी भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 40-40 लाख रुपये मुआवजा देने और घायलों को भी उचित आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की।
वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने टनल हादसे के घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचकर हादसे में घायल मजदूरों का हालचाल जाना। उन्होंने घायलों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में कांग्रेस उनके परिवारों के साथ खड़ी है।
गणेश गोदियाल ने कहा कि राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए चार लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा की है, लेकिन केंद्र सरकार को भी आगे आकर पीड़ित परिवारों की आर्थिक मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हादसे में कंपनी प्रबंधन की ओर से हुई संभावित लापरवाही की गंभीरता से जांच होनी चाहिए और यदि किसी की जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
Sign in
Welcome! Log into your account
Forgot your password? Get help
Password recovery
Recover your password
A password will be e-mailed to you.








