ज्योतिर्मठ। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के बफर जोन में कथित अवैध खनन और वन पंचायत लाता की भूमि पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। इसको लेकर वन पंचायत लाता की सरपंच रेशमा देवी ने जिलाधिकारी चमोली को पत्र भेजकर अवैध खनन पर रोक लगाने और सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की है।
जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में सरपंच ने आरोप लगाया है कि ग्रामसभा लाता में खनन पट्टा स्वीकृत होने के बावजूद खनन कारोबारियों द्वारा निर्धारित मानकों का उल्लंघन कर भारी मशीनों से दिन-रात खनन किया जा रहा है। आरोप है कि खनन के दौरान मनमाने तरीके से नदी की धारा का रुख भी बदला जा रहा है। इससे पर्यावरण और नदी के प्राकृतिक स्वरूप को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
पत्र में खनन कार्य शुरू करने से पहले संयुक्त सीमांकन कराने और निर्धारित मानकों के अनुसार ही खनन करने की मांग की गई है। साथ ही आरोप लगाया गया है कि खनन कारोबारियों की ओर से युवक मंगल दल के युवाओं को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जा रही है।
वहीं, वन पंचायत की भूमि पर धर्मकांटा, मजदूरों के रहने के लिए भवन, शौचालय और टिनशेड युक्त कार्यालय का निर्माण किए जाने को भी अतिक्रमण बताते हुए आपत्ति जताई गई है। सरपंच ने प्रशासन से बिना अनुमति किए गए निर्माण को एक सप्ताह के भीतर हटाने की मांग की है।
पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया और अवैध खनन पर रोक नहीं लगी तो ग्रामीण आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। सरपंच ने जिलाधिकारी से मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
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