विधानसभा सत्र के दौरान आंदोलनकारियों ने विधायकों और मंत्रियों के खिलाफ की नारेबाजी, कांग्रेस विधायक ने कहा—सड़क से सदन तक उठाए जा रहे हैं जनहित के मुद्दे
चमोली। सिमली बेस अस्पताल की मांग को लेकर आंदोलनकारियों का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान आंदोलनकारियों ने आने-जाने वाले विधायकों और मंत्रियों के सामने नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया। सत्र के अंतिम दिन आंदोलनकारी कर्णप्रयाग विधायक का इंतजार करते रहे, ताकि अस्पताल की मांग को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त कर सकें। इस दौरान आंदोलन स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात रहा।
इसी बीच बदरीनाथ विधायक लखपत भटोला ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सरकार ने सदन नहीं चलने दिया। हालांकि, कांग्रेस की ओर से सिमली बेस अस्पताल की मांग को सदन में उठाने की तैयारी की गई थी।
मुलाकात के दौरान आंदोलनकारियों ने विधायक लखपत भटोला से सवाल किया कि कांग्रेस विधायकों ने सिमली बेस अस्पताल की मांग को लेकर सदन में कोई मुद्दा उठाया या नहीं। आंदोलनकारियों ने अस्पताल की मांग पर सदन में ठोस पहल को लेकर अपनी नाराजगी भी जाहिर की।
इस पर विधायक लखपत भटोला ने कहा कि कांग्रेस की ओर से सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे जनहित के मुद्दों को लगातार सदन से लेकर सड़क तक उठाया जा रहा है।
सिमली बेस अस्पताल की मांग को लेकर आंदोलनकारियों का धरना जारी है। आंदोलनकारियों की मांग है कि क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल के मुद्दे पर ठोस कार्रवाई की जाए।
बेस अस्पताल संघर्ष समिति के अध्यक्ष मुन्ना सिंह नेगी ने बताया कि जिस तरह की अनदेखी सरकार और स्थानीय विधायक द्वारा आंदोलनकारी की की गई है उससे नाराज आंदोलनकारी ने यह संकल्प लिया है कि 2027 विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा का कोई भी प्रत्याशी अगर गांव में पहुंचता है तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा








