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लोकसभा सामान्य निर्वाचन के दौरान प्रत्याशियों का खाता खोलने में विलम्ब न करें बैंक

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चमोली :आचार संहित के दौरान संदेहजनक लेने-देन पर रखें कड़ी निगरानी*

*बैंक अधिकारियों की बैठक लेते हुए बोली मुख्य कोषाधिकारी*

लोकसभा सामान्य निर्वाचन 2024 में प्रत्याशियों के आय-व्यय के लिये बैंक खाता खोलने व अन्य संदेहजनक लेन-देन की निगरानी को लेकर सोमवार को मुख्य कोषाधिकारी मामूर जहाँ की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इस दौरान उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्वाचन के दौरान बैंकों में अपनाई जाने वाली मानक प्रचालन प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी।

कोषाधिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक में मुख्य कोषाधिकारी ने सभी बैंक अधिकारियों को निर्वाचन के दौरान बैंकों में अपनाई जाने वाली मानक प्रचालन प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने प्रत्याशी के निर्वाचन व्यय के लिए अलग से खाता खोलने की प्रक्रिया में विलम्ब न करने तथा इस हेतु सभी बैंक शाखाओं में एक अलग काउंटर खोलने के निर्देश दिए। निर्वाचन हेतु खोले गये खाते के साथ ही प्रत्याशी अथवा उसके एजेंट को तत्काल चेक बुक भी मुहैया करायें। उन्होंने सभी बैंकों से संदेहजनक लेन-देन की दैनिक सूचना निर्वाचन कार्यालय को नियमित दिए जाने और आचार संहिता लागू होने के बाद सभी प्रकार के लेन-देन की बारीकी से जांच कर चुनाव में प्रयोग किये जाने वाले सभी संदेहास्पद लेनदेन की नियमित सूचना निर्वाचन कार्यालय को प्रेषित करने की बात कही।

मुख्य कोषाधिकारी ने एटीएम व अन्य बैंक शाखाओं के लिए कैश का परिवहन ऑनलाइन एप ईएसएमएस के माध्यम से ही किया जाये। इस एप के माध्यम से एक क्यूआर कोड जनरेट किया जाएगा जिसे कैश परिवहन करने वाले बैंक कर्मी/चालक को दिया जायेगा। एफएस एवं एसएसटी द्वारा जांच के दौरान इसी क्यूआर कोड को स्कैन कर नकदी आदि का मिलान किया जायेगा। किसी भी प्रकार की अनियमितता एवं भिन्नता पाये जाने पर कैश जब्ती के दायरे में माना जायेगा। बैंकों को निर्वाचन व्यय सम्बन्धी प्रावधानों से अवगत कराते हुए बताया कि लोक सभा निर्वाचन में अधिकतम व्यय सीमा 95 लाख निर्धारित की गई है।

इस मौके पर सुमित कुमार एसबीआई, निकुंज सिंह पीएनबी, प्रियंका नेगी, डीसीबी, मनीष यादव, आईडीबीआई, अनुराग पुंडीर यूजीबी, जीवन खुल्बे बंधन बैंक, हरदीप सिंह एचडीएफसी बैंक आदि मौजूद थे।