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भाजपा की असली ताकत सत्ता नहीं, संघर्षशील कार्यकर्ता हैं : रघुवीर सिंह बिष्ट

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गोपेश्वर। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष चमोली एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रघुवीर सिंह बिष्ट इन दिनों बद्रीनाथ विधानसभा क्षेत्र में संगठनात्मक संपर्क अभियान के तहत गांव-गांव पहुंचकर पार्टी के संस्थापक सदस्यों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं। इस दौरान वे वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के घर पहुंचकर उनका कुशलक्षेम पूछने के साथ ही संगठन के शुरुआती दौर के संघर्षों और पुरानी यादों को भी साझा कर रहे हैं।
रघुवीर सिंह बिष्ट ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की असली ताकत सत्ता नहीं, बल्कि वे समर्पित कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने विषम परिस्थितियों में संगठन की नींव रखी और उसे मजबूत बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। वर्ष 1980 में भाजपा की स्थापना के समय राजनीतिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण थीं। उस दौर में कांग्रेस का व्यापक प्रभाव था और भाजपा की विचारधारा से जुड़ने वाले कार्यकर्ताओं का उपहास उड़ाया जाता था। इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने हार नहीं मानी और गांव-गांव, घर-घर जाकर संगठन को मजबूत करने का काम किया।
उन्होंने कहा कि आज भाजपा जिस मुकाम पर पहुंची है, उसके पीछे संस्थापक एवं वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का त्याग, तपस्या और संघर्ष है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार राष्ट्र निर्माण और जनकल्याण के लिए कार्य कर रही है। पार्टी पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की विचारधारा से प्रेरणा लेकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है।
बिष्ट ने कहा कि पुराने कार्यकर्ताओं से मुलाकात के दौरान जब संगठन के शुरुआती दिनों की चर्चा होती है तो कई कार्यकर्ता भावुक हो जाते हैं। उनके अनुभव नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि संगठन केवल चुनाव और सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि विचारधारा, सेवा और समर्पण की यात्रा है। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को केवल चुनाव के समय याद करने के बजाय उनके सुख-दुख में हमेशा सहभागी बनना चाहिए।
इसी क्रम में उन्होंने जोशीमठ और आसपास के गांवों में पहुंचकर कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से उनके घरों पर मुलाकात की और उनके पारिवारिक हालचाल जाने। बिष्ट ने कहा कि पद और सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन संगठन के प्रति निष्ठा और विचारधारा के प्रति समर्पण हमेशा कायम रहता है। पार्टी के संस्थापक और वरिष्ठ कार्यकर्ता ही उसकी असली पूंजी और ताकत हैं।