मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य सड़क सुरक्षा कोष प्रबंध समिति की द्वितीय बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान सड़क सुरक्षा कोष से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों को संस्तुति दी गई। मुख्य सचिव ने सचिव परिवहन को पूरे प्रदेश के लिए एएनपीआर से संबंधित कार्य योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि परिवहन, पुलिस, राज्य कर एवं खनन विभाग सभी को एएनपीआर कैमरों के एक्सेस की आवश्यकता है, जिसके लिए प्रदेश में एक एकीकृत कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने परिवहन विभाग द्वारा अपने एवं पुलिस विभाग द्वारा किए जा रहे चालानों की संकलित रिपोर्ट मुख्य सचिव कार्यालय को मासिक रूप से प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क सुरक्षा कोष की वार्षिक कार्य योजना तैयार करने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के सभी पहलुओं को लेकर संपूर्ण कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि रोड और साइनेज से संबंधित रूटीन कार्य लोक निर्माण विभाग के स्तर पर किए जाएंगे । सभी विभाग अपने मेंडेट से संबंधित कार्यों को अपने विभागीय बजट से ही कराने को प्राथमिकता दें। सड़क सुरक्षा से संबंधित ऐसे कार्य, जिनके लिए विभागीय बजट उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, उसके लिए सड़क सुरक्षा कोष से बजट का प्रावधान किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने प्रस्तावों को समिति के समक्ष प्रस्तुत करने से पूर्व एक उपसमिति गठित कर प्रस्तावों की स्क्रूटिनी करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों में डुप्लीकेसी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव न्याय एवं विधि श्री प्रदीप पंत, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री बृजेश कुमार संत, डॉ. वी. षणमुगम, अपर सचिव श्रीमती निवेदिता कुकरेती एवं श्री रोहित मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।








