हरिद्वार। कुंभ मेला-2027 को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाने के लिए मेला क्षेत्र के 32 सेक्टरों में व्यापक सेनिटेशन व्यवस्था की जाएगी। इसके तहत 13,865 टॉयलेट सीट, 8,065 एफआरपी मूत्रालय और 4,840 डस्टबिन स्थापित किए जाने की तैयारी है। संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए भी प्रभावी इंतजाम किए जाएंगे।
सोमवार को शहरी विकास विभाग के सचिव नितेश कुमार झा ने मेला नियंत्रण भवन में मेला प्रशासन, नगर निकायों, जिला पंचायतों और पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर एकीकृत सेनिटेशन कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित निकायों और विभागों को अपनी विस्तृत कार्ययोजना एक सप्ताह के भीतर अंतिम रूप देकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
सचिव ने कहा कि कुंभ क्षेत्र में सफाई व्यवस्था के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। प्रत्येक सेक्टर और निकाय स्तर पर आवश्यक मानव संसाधन, उपकरण एवं सामग्री का आकलन कर समय से उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सफाई व्यवस्था की ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी की जाएगी। इसके लिए कुंभ क्षेत्र के सभी नगर निकायों और जिला पंचायतों को शहरी विकास विभाग के डैशबोर्ड से मैप किया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि सेनिटेशन कार्ययोजना में कुंभ से पहले, मेला अवधि के दौरान और मेला समाप्त होने के बाद की व्यवस्थाओं को भी शामिल किया जाए। हरिद्वार के साथ ऋषिकेश, रुड़की, शिवालिक नगर, मुनिकीरेती और स्वर्गाश्रम समेत कुंभ क्षेत्र से जुड़े ग्रामीण एवं निकटवर्ती क्षेत्रों में भी सफाई के पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे।
सचिव ने दिसंबर की शुरुआत से ही आवश्यक संख्या में सफाई कर्मियों की तैनाती करने के निर्देश दिए। साथ ही कर्मियों को मक्खी-मच्छर नियंत्रण में इस्तेमाल होने वाले रसायनों के सुरक्षित उपयोग, उपकरणों के संचालन और अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में प्रशिक्षण देने को कहा। उन्होंने कुंभ मेला सामग्री एवं उपकरणों की समय पर खरीद, वितरण और मेला समाप्ति के बाद उनके उपयोग की योजना भी पहले से तैयार करने के निर्देश दिए।
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