मां नंदा की बड़ी जात कैलाश रवाना, निर्जन पड़ावों में होगा रात्रि विश्राम
लाटू देवता की अगुवाई में वाण गांव से आगे बढ़ी बड़ी जात
मां नंदा को कैलाश विदा करते हुए फफककर रो पड़े श्रद्धालु
वाण गांव में उमड़ा आस्था का सैलाब दे गया बड़ी सीख
सरकार और सरकारी तंत्र ने हाथ खींचे, मां नंदा के भरोसे होमकुंड पहुंचेगी बड़ी जात
बड़ी जात में छाए लोकगायक दर्शन फर्स्वाण और वीरेंद्र सिंह नेगी के नंदा गीत
वाण।
बीते एक पखवाड़े से उत्तराखंड के सीमांत जनपद चमोली में आयोजित मां नंदा की बड़ी जात अब निर्जन पड़ावों की ओर प्रस्थान कर चुकी है। आज वाण गांव से हजारों श्रृद्धालुओं के संग लाटू देवता की अगुवाई में बड़ी जात गैरोली पाताल / वेदनी बुग्याल के लिए निकल चुकी है, जहां मां नंदा का रात्रि विश्राम होगा।
वाण गांव में श्रद्धालुओं ने मां नंदा की डोलियों की पूजा अर्चना कर उन्हें भेंट अर्पित की। जिसके बाद ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने दशोली, बंड और बधाण की नंदा डोली को कैलाश की ओर विदा किया। इस दौरान ग्रामीणों ने पौराणिक लोकगीतों और जागरों से मां नंदा रोती बिलखते हुऐ 12 बरस बाद फिर मिलने का बचन लेकर निर्जन पड़ावों की ओर विदा किया। वाण गांव से लाटू देवता की अगुवाई में दशोली, बंड और बधाण की नंदा डोली, ज्वाल्पा माई की डोली, बंड भूमियाल की छंतोली, गेदाणु देवता की छंतोली, नंदा की छंतोली, निजमुला घाटी के सैजी, गाड़ी की छंतोली, फर्स्वाण फाट के जाख देवता खैनुरी, भीमतल्ला ,लासी ,मजोठी, सेमडूंगरा सरतोली के भूमियाल, व जाख के पश्वा, नौना की भगवती की छतोली ,मटई, सेमा,कांडई, पगना खुनाना, लुन्तरा, सुंग, ल्वाणी, रामणी के त्यूना राजकोटि, भूमिया, घूनी के भूमियाल के पश्वा तथा देव छंतोली, सहित 100 से भी अधिक देव छंतोली और निजा निशाण भी अपने अगले पड़ावों/ निर्जन पड़ावों की बढ़ी। बड़ी जात मां नंदा, लाटू देवता, बंड भूमियाल के जयकारों से वाण गांव से रणकधार, नील गंगा, जौंमंगरा, होते हुए गैरोली/पाताल वेदनी बुग्याल रात्रि विश्राम के लिए पहुंची।
बड़ी जात में छाए लोकगायक दर्शन फर्स्वाण और वीरेंद्र सिंह नेगी के नंदा गीत
हिमालय की अधिष्ठात्री देवी मां नंदा की बड़ी जात में लोकगायक दर्शन फर्स्वाण और वीरेंद्र सिंह नेगी के नंदा गीत हर किसी की जुबां पर है। लोकगायक दर्शन फर्स्वाण के मां नंदा पर गीत गौरा जी.. तेन जाण नंदा तें ऊंचा कैलाश और गायक वीरेंद्र सिंह नेगी और सोनम नौगाई के मां नंदा का गीत.. देवी कुरूड की देवी, माता कुरुड की देवी .. पर श्रद्धालू शॉर्ट वीडियो, रील, इंस्ट्राग्राम बना रहे हैं। आपको बताते चले कि 2000 की राजजात में भी गढ़ रत्न नरेंद्र सिंह की नंदा गीतों की कैसेट ने धूम मचाई थी।
मां नंदा के भरोसे होमकुंड पहुंचेगी बड़ी जात ..
अब जबकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां नंदा को कैलाश विदा करने के लिए निर्जन पड़ावों की ओर बढ़ चले है तो सरकार और सरकारी मशीनरी को चाहिए कि मां नंदा की डोलियों छंतोलियाँ और श्रद्धालुओं के लिए कुछ न कुछ बंदोबस्त करे ताकि मां नंदा की बड़ी जात सकुशल सम्पन्न हो सके। आज से निर्जन पड़ावों में मां नंदा भक्तों की असल परीक्षा शुरू होगी और मां नंदा के भरोसे ही बड़ी जात होमकुंड पहुंचेगी।








