गोपेश्वर/चमोली। उत्तराखंड के पंचकेदारों में चतुर्थ केदार के रूप में पूजित भगवान रुद्रनाथ के कपाट बंद होने की तिथि तय हो गई है। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर ज्योतिषीय गणना के आधार पर मंदिर के कपाट बंद करने का मुहूर्त निर्धारित किया गया। रुद्रनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी हरीश भट्ट ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी साझा की।
मुख्य पुजारी के अनुसार, 17 अक्टूबर 2026 को कार्तिक संक्रांति के पर्व पर शाम 7 बजकर 47 मिनट पर सूर्य के तुला राशि में प्रवेश करने के साथ भगवान रुद्रनाथ के कपाट बंद होने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। इसके साथ ही इस वर्ष की रुद्रनाथ धाम की यात्रा का समापन हो जाएगा।
भगवान रुद्रनाथ के कपाट खुलने से लेकर बंद होने तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु कठिन पैदल यात्रा कर धाम पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन करते हैं। समुद्रतल से करीब 3,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित रुद्रनाथ धाम अपनी प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक आस्था के लिए प्रसिद्ध है।
कपाट बंद होने के बाद भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल की ओर प्रस्थान करेगी, जहां श्रद्धालु शीतकाल में भगवान के दर्शन कर सकेंगे। मंदिर समिति और स्थानीय श्रद्धालुओं ने कपाट बंद होने की तिथि घोषित होने के बाद आगामी धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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