जोशीमठ। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जोशीमठ में बुधवार को गृह विज्ञान विभाग एवं महाविद्यालय के स्टाफ की ओर से गढ़भोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पहाड़ी संस्कृति, खान-पान और पारंपरिक व्यंजनों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। गढ़भोज में विभिन्न प्रकार के पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन तैयार किए गए, जिनका महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ ने आनंद लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी को उत्तराखंड के पारंपरिक खान-पान और स्थानीय उत्पादों से परिचित कराना रहा। पहाड़ के पारंपरिक व्यंजनों में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अनाज, दालों, सब्जियों और अन्य उत्पादों का प्रयोग किया जाता है। इन व्यंजनों का स्वाद और पौष्टिकता भी विशेष होती है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली के बीच युवा पीढ़ी का अपनी पारंपरिक संस्कृति और खान-पान से जुड़ाव बेहद जरूरी है। स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देने से जहां पहाड़ी संस्कृति को संरक्षण मिलेगा, वहीं स्थानीय उत्पादकों और किसानों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
महाविद्यालय में आयोजित इस गढ़भोज कार्यक्रम को छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक लिया। कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें पहाड़ी व्यंजनों की विविधता और अपनी लोक संस्कृति की समृद्ध परंपरा को करीब से जानने का अवसर मिला।
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