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चमोली (थराली): उत्तराखंड के चमोली जिले से वफादारी और बहादुरी की एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है।

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थराली विकासखंड के रतगांव में सोमवार दोपहर को एक जंगली भालू ने घर के आंगन में खड़ी महिला पर दिनदहाड़े जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान वहाँ मौजूद दो पालतू कुत्तों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए भालू पर धावा बोल दिया, जिससे महिला की जान बाल-बाल बच गई। आंगन में किया अचानक हमलास्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, रतगांव निवासी 55 वर्षीय शांति देवी पत्नी कुंवर सिंह सोमवार दोपहर अपने घर में खाना बना रही थीं। इसी बीच जब वह किसी काम से घर के बाहर आंगन में आईं, तो पहले से घात लगाकर बैठे जंगली भालू ने उन पर अचानक हमला कर दिया। भालू के इस अचानक हमले से शांति देवी को संभलने का मौका नहीं मिला और वह लहूलुहान हो गईं। देवदूत बने वफादार कुत्ते जब भालू महिला को अपना निवाला बनाने की कोशिश कर रहा था, तभी महिला की चीख-पुकार और शोर सुनकर आस-पास मौजूद दो वफादार कुत्ते देवदूत बनकर सामने आए। दोनों कुत्तों ने बिना डरे भालू को चारों तरफ से घेर लिया और उस पर लगातार भौंकते हुए हमलावर हो गए। कुत्तों के इस आक्रामक रुख और महिला के लगातार शोर मचाने के कारण भालू घबरा गया और महिला को वहीं लहूलुहान छोड़कर जंगल की ओर भाग खड़ा हुआ। डंडी-कंडी के सहारे पहुंचाया अस्पताल, हायर सेंटर रेफरचीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने घायल शांति देवी को तुरंत डंडी-कंडी (कुर्सीनुमा डोली) के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाया, जिसके बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली में भर्ती कराया गया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद, महिला के गहरे जख्मों और गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया है। ग्रामीणों में आक्रोश, वन विभाग से सुरक्षा की मांगइस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना के बाद से रतगांव और आसपास के क्षेत्रों में भारी दहशत फैली हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग के
प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जंगली जानवरों का आतंक आबादी क्षेत्रों में लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे लोग अब अपने ही आंगनों में सुरक्षित नहीं हैं। ग्रामीणों ने मांग की है किः पीड़ित महिला का मुफ्त और उच्च स्तरीय इलाज कराया जाए। गाँव के पास तुरंत पिंजरा लगाकर भालू को पकड़ा जाए। आबादी वाले क्षेत्रों में वन विभाग की गश्त (पेट्रोलिंग) तुरंत बढ़ाई जाए।