चमोली। जिला मुख्यालय स्थित भू-अभिलेख रिकॉर्ड रूम में पुरानी खतौनी की नकल उपलब्ध कराने के एवज में रिश्वत मांगने के आरोपों से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने प्रकरण की निष्पक्ष एवं तथ्यपरक जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है।
ग्राम पगना, तहसील चमोली निवासी ताजवर सिंह ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि रिकॉर्ड रूम से पुरानी खतौनी की नकल उपलब्ध कराने के एवज में दो कार्मिकों द्वारा 500 रुपये रिश्वत की मांग की गई। शिकायतकर्ता ने मामले की वास्तविकता सामने लाने के लिए रिकॉर्ड रूम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की मांग भी की थी।
प्रकरण की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी चमोली की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। समिति में अपर जिलाधिकारी को अध्यक्ष तथा कोषाधिकारी और जिला समाज कल्याण अधिकारी को सदस्य नामित किया गया है।
जिलाधिकारी ने समिति को मामले से जुड़े सभी तथ्यों और बिंदुओं की गहनता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। समिति रिकॉर्ड रूम की सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण कर एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रस्तुत करेगी।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में आमजन को सेवाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही अथवा भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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